मंडला में अंधे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: दोस्ती, दुश्मनी और सुपारी का खेल
मंडला: मंडला जिले में 36 वर्षीय तरेंद्र यादव की रहस्यमय हत्या ने सबको चौंका दिया है। उनके लापता होने और फिर नाले में शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस की गहन जांच से इस मामले में दोस्ती, दुश्मनी और सुपारी किलिंग की चौंकाने वाली कहानी सामने आई है।
22 जून को मुगदरा निवासी तरेंद्र यादव के लापता होने की रिपोर्ट बम्हनी बंजर थाने में दर्ज की गई थी। उसी दिन लिमरुआ के पास बोरिया नाला में उनका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव की स्थिति और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया कि यह सुनियोजित हत्या थी।
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
मंडला पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने के लिए विशेष टीम गठित की। मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और संदिग्धों की गतिविधियों की जांच की गई। जांच के दौरान शक की सुई मृतक के परिचितों की ओर घूमी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि खेती-बाड़ी और पुरानी रंजिश के चलते तरेंद्र यादव और आरोपी पक्ष में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
हत्या की साजिश और सुपारी
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी राजा यादव ने अपने साथी अविनाश यादव के साथ मिलकर तरेंद्र यादव को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। हत्या को अंजाम देने के लिए करीब एक लाख बीस हजार रुपये की सुपारी भी दी गई।
- 21 जून को गांव में शादी और बारात का माहौल था।
- आरोपियों ने तरेंद्र को शराब पिलाने के बहाने बारात से अलग बुलाया।
- सुनसान जगह पर ले जाकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
- शव को बोरिया नाला में फेंक दिया ताकि मामला दुर्घटना या गुमशुदगी का लगे।
मण्डला पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के बाद पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया है। पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड में शामिल सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे आगे की पूछताछ जारी है।
तो मंडला में गुमशुदगी से शुरू हुई यह कहानी आखिरकार एक सुपारी किलिंग के खुलासे पर खत्म हुई। मंडला पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड की हर परत खोलकर सच को सामने ला दिया है।
बाईट: राजेश रघुवंशी, एस पी मंडला

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