खकनार। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा किसानों को अरहर की उन्नत एवं अधिक उत्पादन देने वाली किस्म IPA-1506 अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह किस्म अधिक उपज देने के साथ-साथ प्रमुख रोगों के प्रति सहनशील होने के कारण किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।
कृषि विभाग के अनुसार IPA-1506 अरहर की परिपक्वता अवधि 140 से 150 दिन है। इसकी बीज दर 5 से 6किलोग्राम प्रति एकड़ निर्धारित की गई है तथा इसकी औसत उपज 8 से 10 क्विंटल प्रति एकड़ तक प्राप्त की जा सकती है। इस किस्म की कटाई के बाद किसान अपने खेतों में गेहूं, चना एवं मक्का जैसी रबी फसलें भी आसानी से ले सकते हैं।
यह किस्म सूखा सहनशील होने के साथ-साथ बांझता मोजेक (Sterility Mosaic) एवं तना सूखना (Wilt) रोगों के प्रति प्रतिरोधी है। प्रायः देखा जाता है कि अरहर की फसल फूल आने की अवस्था में सूखने लगती है। ऐसे में IPA-1506 किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।
कृषि विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय बीज निगम के माध्यम से किसानों को IPA-1506 अरहर बीज नगद वितरण के तहत उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को बीज पर ₹60 प्रति किलोग्राम की दर से अनुदान राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से प्रदान की जाएगी। इसके लिए किसानों को पहले बीज का मूल्य स्वयं जमा करना होगा, जिसके बाद निर्धारित प्रक्रिया अनुसार अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
कृषि विभाग ने अपील की है कि बीज प्राप्त करने के इच्छुक किसान भाई कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड खकनार अथवा अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर अरहर की इस उन्नत एवं रोग प्रतिरोधी किस्म का बीज प्राप्त कर अधिक उत्पादन का लाभ उठाएं।

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