फास्फेड फैक्ट्री के धुएं से खराब हो रही फसलें: किसानों ने कलेक्ट्रेट में दर्ज कराई शिकायत रायसेन जिले के दीवानगंज के किसानों ने खराब चना और गेहूं की फसल को लेकर कलेक्ट्रेट का दरवाजा खटखटाया। किसानों का आरोप है कि मध्य भारत फास्फेड प्राइवेट लिमिटेड नामक फास्फेड बनाने वाली फैक्ट्री के केमिकल युक्त धुएं के कारण उनकी फसलें खराब हो रही हैं।
इस समस्या से प्रभावित किसानों की लगभग 35 एकड़ जमीन फैक्ट्री के आसपास स्थित है। कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा की अनुपस्थिति में किसानों ने अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय से मुलाकात की। अपर कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच कृषि विभाग से कराई जाएगी।
फैक्ट्री पर गंभीर आरोप किसानों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री रात में अधिक धुआं छोड़ती है, जिससे उनकी फसलें सूख रही हैं। किसान राजकुमार साहू ने कहा, "फैक्ट्री से निकलने वाला रासायनिक धुंआ हमारी फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। अगर यह जारी रहा, तो हमें लाखों का नुकसान होगा।"
फैक्ट्री प्रबंधन का पक्ष फैक्ट्री के मैनेजर ओम पाटीदार ने कहा, "हमारे यहां सब कुछ ठीक है। किसान चाहें तो जांच करा सकते हैं।" यह फैक्ट्री कुछ समय बंद रहने के बाद फिर से शुरू की गई है।
सुरक्षा और स्वास्थ्य के सवाल फैक्ट्री के पास एक स्कूल भी स्थित है, जो सड़क पार कर महज 50 कदम की दूरी पर है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि सड़क किनारे बनी इस फैक्ट्री को अन्यत्र शिफ्ट क्यों नहीं किया जा रहा है, जबकि इससे किसान और स्कूली बच्चे दोनों परेशान हो रहे हैं।
किसानों की मांग है कि इस मामले की जल्द से जल्द जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
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