**लोढ़ीखेड़ा बैल बाजार में “पशु सेतु ऐप” का सफल पायलट संचालन, अवैध गतिविधियों पर लगेगी रोक**
लोढ़ीखेड़ा, जिला पांढुर्णा।
माननीय कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार शनिवार को लोढ़ीखेड़ा बैल बाजार में **“पशु सेतु ऐप”** का सफल पायलट प्रोजेक्ट संचालित किया गया। जिले में पहली बार बैल बाजार में डिजिटल पंजीयन एवं सत्यापन प्रणाली लागू की गई, जिसका उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना, पशु कल्याण सुनिश्चित करना तथा अवैध पशु व्यापार एवं तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
पायलट प्रोजेक्ट के दौरान बाजार में आने वाले विक्रेताओं एवं क्रेताओं से आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी पशु सेतु ऐप के माध्यम से दर्ज की गई। इस प्रक्रिया में विक्रेता एवं क्रेता का आधार कार्ड, पशु परिवहनकर्ता का आधार कार्ड, पशु का वैध फिटनेस प्रमाण पत्र, दो से अधिक पशुओं की खरीद पर कृषक होने का प्रमाण (खसरा, बी-1, 7/12, केसीसी आदि) तथा वाहन द्वारा परिवहन की स्थिति में वाहन की आर.सी. एवं वैध परिवहन अनुमति की जानकारी संकलित की गई।
इस प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक पशु के क्रय-विक्रय का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना आसान होगा। यदि कोई व्यक्ति या लेन-देन संदिग्ध प्रतीत होता है, तो उसकी जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सकेगी तथा आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार जांच एवं वैधानिक कार्यवाही की जा सकेगी।
बाजार में यह भी सुनिश्चित किया गया कि केवल खेती योग्य, स्वस्थ एवं कार्यक्षम बैलों का ही क्रय-विक्रय हो। अयोग्य, अशक्त, बीमार अथवा कृषि कार्य हेतु अनुपयुक्त बैलों के व्यापार को प्रतिबंधित रखा गया तथा पशुओं के प्रति किसी भी प्रकार की क्रूरता पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रथम चरण में संचालित यह पायलट प्रोजेक्ट पूर्णतः सफल रहा। प्राप्त अनुभवों के आधार पर आगामी चरण में इस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी रूप से लागू करते हुए बैल बाजारों में होने वाली अवैध गतिविधियों, नियमों के उल्लंघन तथा पशु तस्करी की रोकथाम हेतु नियमित निरीक्षण एवं सघन निगरानी की जाएगी। नियम विरुद्ध कार्य पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधि अनुसार कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
पशु सेतु ऐप के माध्यम से पारदर्शी, जवाबदेह एवं विधिसम्मत पशु व्यापार व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे किसानों के हितों की रक्षा, पशु कल्याण को बढ़ावा तथा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।
*“पशु कल्याण, किसान हित एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु आपका सहयोग अपेक्षित है।”
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