पाली क्षेत्र में अवैध शराब पैकारी का खेल जारी, प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

बिरसिंहपुर/पाली। उमरिया जिले के पाली थाना क्षेत्र में नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक अवैध शराब पैकारी का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाइसेंसी शराब ठेकेदार के कर्मचारी दोपहिया वाहनों के माध्यम से सुबह से ही गांव-गांव शराब पहुंचाकर होटलों, ढाबों, पान दुकानों और किराना दुकानों के जरिए खुलेआम बिक्री करा रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध कारोबार को बढ़ावा मिलने से गांवों में भी आसानी से नशे की उपलब्धता बढ़ गई है, जिससे युवाओं और आम नागरिकों में शराब की लत तेजी से फैल रही है। वहीं सामाजिक और पारिवारिक जीवन पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। आए दिन नशे की वजह से विवाद, मारपीट, सड़क दुर्घटनाएं और पारिवारिक कलह की घटनाएं सामने आ रही हैं।

कुछ समय पूर्व एसडीएम द्वारा पाली क्षेत्र के दो होटलों में छापामार कार्रवाई की गई थी, लेकिन इसके बाद भी अवैध शराब बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी। अब क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि उक्त कार्रवाई केवल औपचारिकता थी या आगे भी ऐसे मामलों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

स्थानीय लोगों के अनुसार घुनघुटी चौकी क्षेत्र में पुलिस द्वारा पिछले महीने शराब माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी, लेकिन इसके बावजूद घुनघुटी से लगे दर्जनों गांवों में अवैध शराब की पैकारी बदस्तूर जारी है। इससे कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

बताया जाता है कि पाली नगर के बस स्टैंड क्षेत्र, विभिन्न भोजनालयों, ढाबों तथा मलियागुड़ा, मगठार, सुंदरदादर, मुदरिया, धौरई, सुखा, बन्नैदा, काचोदर तिराहा, औढ़ेरा तिराहा, शाहपुर, कुशमहा, अमिलीहा, बकेली, ओदरी, चौरी और बेली स्कूल के आसपास सहित अनेक स्थानों पर अवैध शराब बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

जनचर्चा यह भी है कि कई स्थानों पर शराब निर्धारित प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर बेची जा रही है। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग द्वारा पर्याप्त निगरानी और कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो क्षेत्र में सामाजिक तनाव और आर्थिक समस्याएं और अधिक बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि नगर के व्यापारी वर्ग और जागरूक नागरिक जल्द ही इस संबंध में जिला कलेक्टर एवं एसडीएम पाली को लिखित शिकायत सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।

अब सबकी निगाहें जिले की नवागत कलेक्टर और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर मामले को किस प्रकार संज्ञान में लेकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।

— रिपोर्ट: दीपेंद्र सिंह बघेल, स्टेट न्यूज़