रिपोर्ट: बसीम उददीन

श्यामपुर/अहमदपुर की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत, अहमदपुर, अब तक अपने स्वयं के पंचायत भवन से वंचित है। यहां पंचायत का संचालन एक पुराने पुस्तकालय भवन के एक छोटे से कमरे से किया जा रहा है, जिससे लगभग दस हजार की आबादी वाले इस गांव में विकास कार्य सीमित हो गए हैं। मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीण प्रतिदिन दस्तावेजी कार्य और समस्याओं के समाधान के लिए पंचायत कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन स्थान की कमी के कारण बैठने की व्यवस्था नहीं हो पाती। बुजुर्गों और महिलाओं को घंटों बाहर खड़े रहना पड़ता है। यह पंचायत क्षेत्र एक कमर्शियल जोन में आता है, फिर भी बुनियादी ढांचे की कमी से जूझ रहा है।

एक ही कमरे में कामकाज होने से दस्तावेजों की गोपनीयता और सुरक्षित रख-रखाव भी खतरे में है। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड सुधार और अन्य योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए आने वाले लोगों को जानकारी देने के लिए अलग कक्ष या डेस्क नहीं है। इस आधारभूत ढांचे की कमी के कारण बैठकें और जनसुनवाई भी प्रभावित हो रही हैं।

सरपंच आशीष अहिरवार ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से प्राथमिकता के आधार पर ग्राम पंचायत भवन की मांग की है। उनका कहना है कि एक समुचित पंचायत भवन से न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि ग्रामीणों को भी मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें अनावश्यक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

ग्राम पंचायत अहमदपुर के निवासियों को उम्मीद है कि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें उनके अधिकारों के अनुसार सुविधाएं प्राप्त होंगी।