टीकमगढ़। शहर के पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन का भव्य लोकार्पण हुए अभी कुछ ही दिन बीते हैं, लेकिन पहली बारिश ने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीकमगढ़ विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला ने अपनी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से स्टेशन के टीन शेड से पानी टपकने का मामला उठाते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। विधायक ने जनता के पैसों से हुए निर्माण की जांच कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल, 17 जुलाई 2026 को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन का वर्चुअल शुभारंभ हुआ था। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जबकि स्टेशन का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया था। कार्यक्रम के दौरान स्टेशन के कायाकल्प को शहर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर प्रस्तुत किया गया था।
अब विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला ने दावा किया है कि उद्घाटन के महज 23 दिन बाद पहली बारिश में ही स्टेशन के टीन शेड से पानी टपकने लगा। उन्होंने अपनी पोस्ट में इसे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल बताते हुए कहा कि जिस निर्माण का भव्य तरीके से उद्घाटन किया गया, उसकी वास्तविक स्थिति पहली बारिश में ही सामने आ गई।
विधायक की पोस्ट के मुताबिक स्टेशन परिसर के टीन शेड से पानी टपकने की स्थिति सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन से कराए जाने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों का पालन होना चाहिए और यदि कहीं लापरवाही सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।
उद्घाटन की भव्यता से ज्यादा जरूरी निर्माण की मजबूती
रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक उपयोग के महत्वपूर्ण भवन में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सबसे अहम मानी जाती है। ऐसे में यदि बारिश के दौरान शेड से पानी टपकने की स्थिति सामने आती है तो यह केवल असुविधा का विषय नहीं, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
विधायक बुंदेला ने इसी मुद्दे को उठाते हुए निर्माण कार्य की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसों से किए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए और यदि जांच में किसी स्तर पर खामी या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
हालांकि, टीन शेड से पानी टपकने के कारण और निर्माण कार्य में वास्तविक तकनीकी खामी है या नहीं, यह संबंधित तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। ऐसे में अब निगाह रेलवे के संबंधित अधिकारियों की ओर है कि इस मामले में मौके का निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट की जाती है या नहीं।
टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास शहर के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना गया है। ऐसे में उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सामने आया पानी रिसाव का मामला यदि सही पाया जाता है तो यह निर्माण एजेंसी और संबंधित निगरानी व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर सवाल खड़े करेगा। फिलहाल विधायक की पोस्ट के बाद मामला चर्चा में है और लोगों की नजर इस बात पर है कि शिकायत के बाद जिम्मेदार विभाग इस पर क्या कदम उठाता है।
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