रायसेन: कोतवाली थाना पुलिस ने फर्जी आवासीय पट्टे तैयार कर जालसाजी करने के मामले में एक लंबे समय से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

15 अक्टूबर 2025 को तहसील कार्यालय रायसेन से सहायक ग्रेड-2 एस.एल. चौरसिया द्वारा थाना कोतवाली में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप था कि कुछ अनावेदकों ने फर्जी तरीके से आवासीय पट्टे तैयार किए हैं। जांच के दौरान अमान खान, नोमान खान एवं रामू सेन का कृत्य भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अपराध पाया गया, जिसके आधार पर थाना कोतवाली में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रायसेन आशुतोष गुप्ता के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे के मार्गदर्शन और एसडीओपी प्रतिभा शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पूर्व में आरोपी अमान, नोमान और शानू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका था।

विवेचना के दौरान फरार आरोपी टोनी सेन, जो वार्ड नंबर 9 तिपट्टा बाजार रायसेन का निवासी है, की तलाश की जा रही थी। पुलिस अधीक्षक द्वारा उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मुखबिर की सूचना और तकनीकी सहायता के आधार पर 23 दिसंबर 2025 को टोनी सेन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद विधिवत कार्रवाई कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र गोयल, प्रआर. माखन उइके, सतेन्द्र लोधी, आरक्षक शशांक दीक्षित, संदीप जैन एवं सचिन पवैया की सराहनीय भूमिका रही।

इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने जनता को आगाह किया है कि किसी भी प्रकार की फर्जी गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके और समाज में विधि-व्यवस्था बनी रहे।