रामनगर मैहर-- विकाश खण्ड क्षेत्र रामनगर के पीएम श्री कन्या संकुल अन्तर्गत मध्यप्रदेश शिक्षा गारंटी योजना ईजीएस गुरुजी में बिना नियुक्ति पत्र आदेश के रमेश जायसवाल पिता रामचरण जयसवाल निवासी गैलहरी फर्जी तरीके से रमेश जायसवाल पिता जगदीश जयसवाल गुरजहन ग्राम पंचायत भरतपुर के नाम पर नौकरी कर रहा।
         जब की कार्यालय समन्वयक सर्वशिक्षा अभियान जनपद शिक्षा केन्द्र रामनगर जिला सतना द्वारा प्रशिक्षण के लिए पत्र क्रमांक 286 दिनांक 27-10-2004 को जारी पत्र रमेश जयसवाल गुरजनह ग्राम पंचायत भरतपुर के नाम जारी था।
जहां प्रशिक्षण के लिए रमेश जायसवाल पिता रामचरण जयसवाल निवासी गैलहरी फर्जी तरीके से प्रशिक्षण नामों के खेल पर बिना नियुक्ति पत्र के नौकरी कर रहा।
            ईजीएस गुरुजी की भर्ती ग्राम पंचायत पर पारित प्रस्ताव अध्यक्ष पालक शिक्षक संघ के आधार होती थी। जिसके लिए ग्राम पंचायत का निवासी होना मूल रूप से अति आवश्यक था। तथा आदिवासी बच्चों के लिए पहली प्राथमिकता पर आदिवासी शिक्षक का होना अनिवार्य था आदिवासी शिक्षक ना मिलने पर जाति संवर्ग के आधार पर नियुक्ति किया जाना था।
               रमेश जायसवाल की फर्जी अवैध भर्ती की पुष्टि उनकी दो सगी भाभी ईजीएस गुरुजी पर गैलहरी केन्द्र क्रमांक 01 पर कुसुम जयसवाल,, तथा गैलहरी केन्द्र क्रमांक 02 पर कमला जयसवाल की नियुक्ति हुई है। जब रमेश जायसवाल गैलहरी के निवासी थे भरतपुर गुरजनह में इनका कोई वास्ता नहीं था। वह के संबंधित दस्तावेज भी इसके नियुक्ति से परे है।
          इसके अलावा भी जहां का निवासी पति होगा पत्नी भी वही की निवासी होगी रमेश जयसवाल की पत्नी राजेश्वरी जयसवाल गैलहरी ग्राम पंचायत की निवासी है। आंगनवाड़ी पर कार्यकर्ता हैं ग्राम पंचायत आधार नियुक्ति होगी। एक साथ रमेश जयसवाल दो ग्राम पंचायतो के निवासी नहीं हो सकते होगे भी तो कानूनी कार्रवाई प्रक्रिया के भागीदार होंगे।
         जानकार गुरजनह तथा गैलहरी निवासी एवं शिक्षा विभाग पदस्थ ये बताते हैं की इनकी सर्विस बुक सेवा पुस्तिका की जांच की जाए तो बहोत से दस्तावेज इनकी नियुक्ति पर प्रश्नचिन्ह अंकित करते हुए अवैध  नियुक्ति का रूप दिखाएंगे।
        जहां दो रमेश नामों के खेल पर अवैध रूप में फर्जी तरीके से बिना नियुक्ति पत्र आदेश के नौकरी शासन के पेमेंट राजस्व उठाने पर भारतीय संविधान नियमों के आधार पर कानूनी कार्यवाही का रूप निर्धारित होने पर क्या सलाखों के पीछे होंगे।