*जैसे तैसे क्षेत्रीय विधायक शिवनारायण सिंह लल्लू भईया नें एक एम्बुलेंस अस्पताल को उपलब्ध कराई लेकिन आज वो एम्बुलेंस अस्पताल के पीछे कबाड़ में खड़ी है चोरों नें एम्बुलेंस का पहिया ही गायब कर दिया*

*स्वास्थ सुविधाओं के नाम पर शून्य तहसील चंदिया का सामुदाईक़ केंद्र अस्पताल*

*वर्षों बीत गए ज्ञापन दिए लेटर लिखे सोशल मिडिया पर लिखे लेकिन इसके बाद भी बाहर से बड़ा अंदर से खोखला चंदिया अस्पताल*

चंदिया/ विगत दिनों ग्राम पंचायत बांका की निवासी महिला राजकुमारी पति दिलबहार कोल अपनी माँ की तबियत ख़राब होने के कारण चंदिया अस्पताल लेकर आई जिसे चेकअप करने के बाद डॉक्टर नें हालत देख तत्काल रिफर कागज़ बनाकर अपना पल्ला झाड़ लिया अब बेटी नें एम्बुलेंस सहायता के लिए निवेदन किया पांच से छह बार फोन लगाया लेकिन एम्बुलेंस का कुछ अता पता नहीं चला माँ की हालत को देखकर बेटी रोती रही पूछने पर सोशल मिडिया से बेटी नें कहा की मेरी माँ बहोत सीरियस है उमरिया रिफर कर दिए हैं लेकिन हम गरीब खेती किसानी कर के अपना बच्चों का पालन पोषण करते हैँ हमारा पास इतना बैलेंस नहीं है जो हम गाडी बुक कर माँ को ज़िला अस्पताल ले जा सकें माँ को लगभग रात 10:00 बजे अस्पताल लेकर आए थे बेटी इंतजार कर रही थी कब एम्बुलेंस आएगी बेटी रो रही थी अपनी माँ का दर्द देखकर 10 से 12 बज गए लेकिन एम्बुलेंस फ़िर भी नहीं आई तब फ़िर पति नें यहाँ वहां से सहायता मांगी और गाडी बुक कर ज़िला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया 
अब देखना यह दिलचस्प होगा की भविष्य में क्या कभी अस्पताल में सुविधाएं मिल पाएंगी एक्सरा मशीन इंस्टाल हो पायेगी बीपी लो डायबटीज मरीज क्या कभी अस्पताल में सुविधा का लाभ ले पाएंगे या या फ़िर जैसा आज अस्पताल है वैसा ही भविष्य में रहेगा यह बात भी हकीकत है की अस्पताल में भर्ती कराये मरीज के परिजन डॉक्टरों से असभ्यता से पेश आते हैँ गंदी गंदी गलियां देते हैं कई डॉक्टरों नें  अस्पताल से अपना ट्रांसफर करा लिया या ख़ुद भाग गए वजह सिर्फ़ लोगों के बात करने का तरीका छोटी छोटी बातों पर नेतागिरी दिखाना मारने की धमकी देना स्वाभिमानी डॉक्टर चंदिया अस्पताल को पसंद ही नहीं करते लेकिन नगर वासियों को इस विषय को ध्यान में रखना होगा ज्ञापन देकर स्वास्थ विभाग से सुविधाएं मांगनी होगी भले ही पहले माँग चुके लेकिन फ़िर से आवाज़ उठाने की ज़रूरत है अन्यथा ऐसे ही गंभीर मरीज ज़िला अस्पताल जाते जाते अपना दम तोड़ते रहेंगे?