पिपरई की समाजसेविका किन्नर रेखा मौसी: सेवा और भक्ति की मिसाल

पिपरई: नगर की प्रसिद्ध समाजसेविका किन्नर रेखा मौसी एक बार फिर अपनी निस्वार्थ सेवा और भक्ति के लिए चर्चा में हैं। अपनी दरियादिली के लिए मशहूर रेखा मौसी द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में इन दिनों श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ रहा है। क्षेत्र के लोग न केवल कथा का आनंद ले रहे हैं, बल्कि रेखा मौसी के इस धार्मिक प्रयास की चौतरफा सराहना भी कर रहे हैं।

कृष्ण जन्मोत्सव की रही धूम

कथा के विशेष प्रसंग के दौरान सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित सुरेशचंद्र गोस्वामी ने भगवान श्रीकृष्ण के अलौकिक जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने कान्हा के बाल स्वरूप और उनके जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन कर पांडाल में मौजूद भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। जैसे ही कृष्ण जन्म का प्रसंग आया, पूरा पांडाल 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के जयकारों से गूँज उठा।

सेवा और समर्पण का पर्याय

रेखा मौसी केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं हैं। वे लंबे समय से गरीब बेटियों के हाथ पीले करवाने और बेसहारा लोगों की मदद करने के लिए जानी जाती हैं। नगरवासियों का कहना है कि समाज को जोड़ने और धर्म की राह पर चलने का रेखा मौसी का यह प्रयास काबिले तारीफ है।

रेखा मौसी की निस्वार्थ सेवा और भक्ति ने उन्हें पिपरई के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बना दिया है। उनके प्रयासों से समाज के कमजोर वर्गों को नई रोशनी मिली है, और यही कारण है कि वे आज हर दिल में बसती हैं।