रीवा: रिसर्च विंग का केंद्रीय कारागार अध्ययन भ्रमण, सुधारात्मक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान

रीवा। विंध्य क्षेत्र की विभिन्न विधाओं के अध्ययन हेतु गठित रिसर्च विंग ने केंद्रीय कारागार रीवा का दौरा किया, जहां उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं और सुधारात्मक गतिविधियों का गहन अवलोकन किया। इस दौरान जेल अधीक्षक सतीश उपाध्याय एवं अन्य अधिकारियों ने टीम को कारागार की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

अध्ययन दल ने भ्रमण के दौरान विभिन्न बैरकों, जेल अस्पताल, प्रिंटिंग प्रेस, वर्कशॉप, आधुनिक रसोई, महिला वार्ड, सीसीटीवी युक्त कंट्रोल रूम, बंदियों के लिए सुरक्षित मुलाकात कक्ष और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

जेल अधीक्षक सतीश उपाध्याय ने बताया कि रीवा केंद्रीय कारागार में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से कई दुर्दांत अपराधियों को रखा जाता है। उन्होंने कहा कि जेल केवल दंड देने का स्थान नहीं है, बल्कि यह एक सुधारगृह है जो अपराधियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने में सहायक होता है।

भ्रमण के उपरांत आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में रिसर्च विंग की ओर से डॉ. मुकेश येंगल, डॉ. स्वाति शुक्ला, डॉ. सुलभा सिंह सेंगर, हरिप्रकाश सिंह एवं राजकिशोर कुशवाहा ने विंध्य के पर्यटन स्थलों को दर्शाता स्मृति-चिन्ह जेल अधीक्षक सतीश उपाध्याय को भेंट किया।

इस अवसर पर उप-अधीक्षक संजीव गेंदले, चक्कर ऑफिसर श्याम सिंह कुशवाहा, मॉडल साइंस कॉलेज की डॉ. स्वाति शुक्ला, डॉ. सुलभा सिंह सेंगर, पत्रकार हरिप्रकाश सिंह 'राजा', राजकिशोर कुशवाहा के साथ अनेक शोधार्थी एवं जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

योगगुरु आदर्श पाण्डेय ने विभिन्न योगासन का प्रदर्शन किया। अंत में रिसर्च विंग के पदाधिकारियों ने केंद्रीय कारागार प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।