रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। बुधवार, 21 मई की सुबह रीवा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कलेक्ट्रेट और पुलिस कंट्रोल रूम के सामने एक तेज रफ्तार बेकाबू कार ने पैदल जा रही तीन दिगंबर जैन साध्वियों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में आचार्य विद्यासागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी का मौके पर ही करुण निधन हो गया। वहीं, उनके साथ मौजूद अन्य दो साध्वियां गंभीर रूप से घायल हो गईं।

घटना के बाद पूरे देश के जैन समाज में गहरा शोक और भारी आक्रोश व्याप्त है। इस दर्दनाक हादसे और संतों की सुरक्षा को लेकर अब संपूर्ण भारत का जैन समाज एकजुट होकर एक विशाल "मौन आंदोलन" करने जा रहा है। समाज की मांग है कि सड़कों पर विहार करने वाले जैन संतों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए जाएं और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 5:40 बजे जैन साध्वियां कटरा जैन मंदिर से दैनिक क्रिया के लिए जा रही थीं। इसी दौरान सिरमौर चौराहे की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार कार (MH 49 CD 8309) ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि साध्वियां सड़क पर काफी दूर जा गिरीं।