टीकमगढ़। नगर की ऐतिहासिक पहचान और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र रहे सैल सागर तालाब पर कथित अतिक्रमण और अवैध भूमि बिक्री के आरोपों ने एक बार फिर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। हिंदू युवा वाहिनी ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तालाब की भूमि पर हो रहे कथित कब्जों की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

संगठन का आरोप है कि नगर के मध्य स्थित सैल सागर तालाब की बंधानों और आसपास की सार्वजनिक भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा योजनाबद्ध तरीके से अतिक्रमण किया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि तालाब के तटबंधों को समतल कर सार्वजनिक भूमि पर कब्जे किए जा रहे हैं, वहीं सरकारी जमीन को कथित रूप से नाममात्र के स्टांप पर बेचने का खेल भी चल रहा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो नगर की यह ऐतिहासिक धरोहर अपना अस्तित्व खो सकती है।

हिंदू युवा वाहिनी ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि सैल सागर तालाब केवल एक जलाशय नहीं बल्कि नगर की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय धरोहर है। यह तालाब भू-जल स्तर बनाए रखने, वर्षा जल संरक्षण और स्थानीय नागरिकों की जल आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके बावजूद लगातार हो रहे अतिक्रमण चिंता का विषय बने हुए हैं।

संगठन ने मिश्रा तिराहा और सैल सागर चौराहे के समीप स्थित प्राचीन मंदिरों पर भी अवैध कब्जे के आरोप लगाए हैं। ज्ञापन के अनुसार कुछ लोगों द्वारा मंदिर परिसरों में अनधिकृत निर्माण और निवास किए जाने से धार्मिक स्थलों की गरिमा प्रभावित हो रही है। संगठन का कहना है कि इससे स्थानीय नागरिकों की आस्था और धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं।

ज्ञापन में वर्ष 2019 में की गई शिकायत का भी उल्लेख किया गया है। संगठन का दावा है कि उस समय प्रशासन द्वारा प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। परिणामस्वरूप अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हुए और कब्जों का दायरा बढ़ता चला गया।

हिंदू युवा वाहिनी ने प्रशासन से सैल सागर तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, मंदिर परिसरों से अवैध कब्जे हटाने, सरकारी भूमि की कथित अवैध बिक्री की जांच कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो संगठन जनहित में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने और न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान अनुराग शर्मा, सोनू सेन, बसंत तिवारी, प्रमोद रैकवार, प्रीति खरे, सौरभ खरे, जितेंद्र सेन, राहुल, राजू दुबे, रिंकू, निर्वेश, बबलू रजक, अमित गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।