बैतूल: मूवमेंट 21 ने शिवाजी ऑडिटोरियम में 3 जनवरी को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस का भव्य आयोजन किया, जिसमें 500 से अधिक सदस्य शामिल हुए। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सावित्रीबाई फुले के योगदान और उनके संघर्षों की कहानी रही, जो हर किसी को प्रेरित करने वाली थी।

कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा प्रस्तुत ‘आओ रे शिक्षा लेने आओ रे’ गीत से हुई, जिसमें सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा का मंच पर स्वागत किया गया। ‘धन्य धन्य सावित्रीबाई’ गीत के माध्यम से उनके संघर्षों और ऐतिहासिक योगदान को याद किया गया, जिससे उपस्थित लोग भावुक हो गए।

श्रीमती अनिता कुमार ने अपने प्रारंभिक संबोधन में सावित्रीबाई फुले के ऐतिहासिक योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सावित्रीबाई ने शिक्षा के द्वार उन महिलाओं और समुदायों के लिए खोले, जो सदियों से शिक्षा से वंचित थे।

क्विज और समान शिक्षा अभियान

कार्यक्रम में एक अनोखी क्विज का आयोजन किया गया, जिसमें सावित्रीबाई फुले के योगदान, शिक्षा का अधिकार कानून और समग्र शिक्षा अभियान से संबंधित प्रश्न शामिल थे। बच्चों और बड़ों ने इस क्विज में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आकर्षक पुरस्कार जीते।

इस वर्ष समारोह की थीम ‘समान शिक्षा अभियान’ रही। प्रतिभागियों ने पोस्टर लेकर शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट के बीच सभी के लिए समान और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।

समापन और संकल्प

कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर परिसर की सफाई की। अगले वर्ष और भी अधिक उत्साह के साथ मिलने का संकल्प लेते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ।

आह्वान: इस अभियान से जुड़ने और समान शिक्षा का समर्थन करने के लिए सभी को प्रेरित किया गया।