मोहगांव शराब ठेकेदार का मंसूबा लोगों की जान लेने का इरादा 

 

मोहगांव नगर परिषद के बिना अनुमति से तिराहे पर बन रही है शराब दुकान स्कूली छात्राओं को बढ़ सकती है परेशानियां 

 

ठेकेदार को राजनीतिक संरक्षण के चलते 25000 की आबादी को हो सकता जोखिम 

 

 

पांढुर्ना के मोहगांव में 1 किलोमीटर शराब दुकान चल रही थी जिसको अब सिंग़पुर मोहगांव तिराहे पर लाने के लिए दुकान निर्माण की जा रही है जबकि करोड़ों रुपए खर्च कर जल संसाधन ने किसानों के लिए नहर निर्माण की तो दूसरी ओर कई वर्षों पूर्व से नगर के लोगों को पानी पिलाने वाले पंप हाउस बना है जहां से 25000 की आबादी को जल पूर्ति की जाती है सवाल यह है कि इस दुकान निर्माण को लेकर अब तक परिषद ने कोई अनुमति नहीं दी गई और एमपीआरडीसी के साथ पीडब्ल्यूडी विभाग ने भी इसकी परमिशन नहीं दी गई है आखिर इस सड़क के किनारे ही इस दुकान का निर्माण होने से कई दुर्घटनाएं बढ़ सकती है इस दुकान को बनाने के लिए अब तक की राजस्व और जल संसाधन के आंख में धूल झोंक कर 50 से अधिक डंपरों से अवैध मुरम रातों-रात ला लिया गया और दुकान के निचले भाग को भर लिया गया है ठेकेदार को राजनीतिक संरक्षण दुकान बनाई जा रही है जिससे कई लोगों की दुर्घटना होने से जान भी जा सकती है एक्सीडेंटल पॉइंट पर शराब दुकान लगने के कारण ठेकेदार का कही ऐसा मंसूबा नजर आ रहा है हालांकि जिस मार्ग और चौराहा पर शराब दुकान लग रही है वहां से स्कूली छात्र छात्रा तीन किलोमीटर की दूरी पार करना पड़ेगा अब सवाल यह होता है कि मध्य प्रदेश में मोहन सरकार बच्चियों को पढ़ना और बढ़ाने वाली बात कहती है तो वही जब 1 किलोमीटर दूरी पर शराब दुकान गई है उसे अब पास लाकर लोगों की जान लेने के मंसूबा तो नहीं क्या प्रशासनिक विभाग और शासकीय विभाग गहरी निद्रा में है या फिर इन राजनीतिक संरक्षण के चलते इन ठेकेदारों को और बढ़ावा दे रहे हैं ताकि लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा सके देखा जाए तो आज जगह-जगह ऐसे कई दुष्कर्म जैसे मामले सामने आ रहे हैं जो आए दिन शराबियों के जमावड़े के कारण हो सकता है ऐसे में सवाल उन ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं का है जिनका भविष्य बनने के पहले भी उजड़ सकता है इनके बारे में शासन के आला अधिकारी क्यों नहीं सोच रहे अब देखना है कि इस शराब दुकान को लेकर शासन के आल्हा अधिकारी इस खबर के बाद कितना संज्ञान लेंगे