सोयाबीन की फसल वाला एक खेत, फाइल फोटो। फोटो साभार Wikimedia Commons / Albert Deccan, CC BY-SA 3.0
मध्यप्रदेश में सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना का पंजीयन 24 अक्टूबर 2026 को बंद हो गया। पहले यह अवधि 3 से 17 अक्टूबर तक थी, जिसे राज्य शासन ने एक हफ्ता बढ़ाया था।
अब पंजीकृत किसानों के सत्यापन और भुगतान की बारी है। केंद्र ने खरीफ 2026-27 के लिए सोयाबीन (पीला) का MSP ₹5,708 प्रति क्विंटल तय किया है।
आज जानेंगे कि-
- पंजीयन के बाद अब क्या होगा?
- भावांतर का पैसा कैसे और कितना मिलता है?
- पिछले साल MP को कितनी मंजूरी मिली थी?
सवाल- पंजीयन की तारीख क्यों बढ़ाई गई थी?
जवाब- जनसंपर्क विभाग के मुताबिक राज्य शासन ने किसानों के व्यापक हित में ई-उपार्जन पोर्टल पर सोयाबीन पंजीयन की अवधि 17 से बढ़ाकर 24 अक्टूबर की थी। इसके लिए सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए थे।
सवाल- क्या अब भी पंजीयन हो सकता है?
जवाब- नहीं। बढ़ी हुई अवधि 24 अक्टूबर को खत्म हो चुकी है। आगे कोई नई तारीख आती है तो वह विभाग की आधिकारिक सूचना से ही मानें।
सवाल- पंजीयन के बाद अगला कदम क्या है?
जवाब- कलेक्टर्स को पंजीकृत किसानों का सत्यापन भी इसी अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। सत्यापित किसान ही योजना में भुगतान के दायरे में आएंगे।
नीचे ग्राफिक में देखिए पूरी टाइमलाइन…
सवाल- इस साल सोयाबीन का MSP कितना है?
जवाब- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13 मई 2026 को सोयाबीन (पीला) का MSP ₹5,708 प्रति क्विंटल मंजूर किया। यह पिछले साल के ₹5,328 से ₹380 ज्यादा है। PIB के मुताबिक इसकी उत्पादन लागत ₹3,805 प्रति क्विंटल आंकी गई है, यानी MSP लागत से 50 प्रतिशत ज्यादा है।
सवाल- भावांतर का पैसा कैसे मिलता है?
जवाब- यह केंद्र की PM-AASHA योजना का हिस्सा, मूल्य अंतर भुगतान योजना (PDPS) है। PIB के मुताबिक इसमें सरकार उपज की खरीदी नहीं करती।
भुगतान के 3 नियम…
- कहां बेचें, किसान अधिसूचित मंडी में उपज बेचता है
- कितना अंतर, MSP और मंडी भाव के बीच का अंतर मिलता है
- कहां आएगा, राशि सीधे किसान के बैंक खाते में आती है
सवाल- अधिकतम कितना पैसा मिल सकता है?
जवाब- PIB के अनुसार अंतर की राशि MSP के 15 प्रतिशत तक सीमित है। ₹5,708 के MSP पर यह सीमा करीब ₹856 प्रति क्विंटल बैठती है।
सवाल- पिछले साल MP को कितनी मंजूरी मिली थी?
जवाब- PIB के मुताबिक 27 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय कृषि मंत्री ने खरीफ 2025-26 के लिए मध्यप्रदेश में 22,21,632 मीट्रिक टन सोयाबीन को PDPS में मंजूरी दी थी। इसका वित्तीय भार ₹1,775.53 करोड़ था।
कुछ कॉमन सवाल जवाब
- पंजीयन किस पोर्टल पर हुआ? ई-उपार्जन पोर्टल पर।
- सत्यापन कौन करेगा? जिला कलेक्टर की टीम।
- मंडी भाव MSP से ऊपर रहा तो? तब अंतर की राशि नहीं बनती।
ग्राफिक- StateNews
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सोयाबीन भावांतर पंजीयन की आखिरी तारीख क्या थी?
पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर 2026 तक था, जिसे बढ़ाकर 24 अक्टूबर किया गया। अब यह बंद है।
सोयाबीन का MSP 2026-27 कितना है?
सोयाबीन (पीला) का MSP ₹5,708 प्रति क्विंटल है।
भावांतर में अधिकतम कितना अंतर मिलता है?
PDPS में अंतर की राशि MSP के 15 प्रतिशत तक सीमित है।
स्रोत जनसंपर्क विभाग मध्यप्रदेश, PIB
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