मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 अक्टूबर को लोकभवन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट की। फोटो साभार Jansampark MP
मध्यप्रदेश इस बार 1 नवंबर को अपना स्थापना दिवस किसान हितैषी योजनाओं और कामों से जोड़कर मनाएगा। जनसंपर्क विभाग के मुताबिक राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार, 24 अक्टूबर की सुबह लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट की और उन्हें स्थापना दिवस समारोह की जानकारी दी। इसी दिन प्रदेश के 102 विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति भी दी जाएगी।
2026 किसान कल्याण वर्ष, 2027 होगा युवा वर्ष
मुलाकात में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। उन्होंने किसानों की आमदनी बढ़ाने के प्रयास, बलराम कृषि महोत्सव और किसान कल्याण वर्ष की अब तक की प्रगति की जानकारी दी।
मुलाकात की 3 बड़ी बातें…
- युवा वर्ष 2027 सरकार अगला साल युवा वर्ष के रूप में मनाएगी। रोजगार के नए अवसर, कौशल विकास और स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देकर युवाओं को उद्यमी से उद्योगपति बनाने के प्रयास होंगे।
- बिरसा मुंडा जयंती 15 नवंबर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर प्रदेश में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम होंगे।
- निवेश और नवाचार मुख्यमंत्री ने निवेश और नवाचार प्रोत्साहन के प्रयासों से भी अवगत कराया।
जनसंपर्क विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश देश का सबसे ज्यादा जनजातीय आबादी वाला राज्य है। राज्यपाल ने सरकार के प्रयासों की सराहना कर मार्गदर्शन दिया।
102 मेधावियों को ₹1 लाख और प्रमाण पत्र
स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री 102 छात्र-छात्राओं को भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति देंगे। हर विजेता को ₹1 लाख की राशि और प्रमाण पत्र मिलेगा। योजना का उद्देश्य भावी पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और जीवन-मूल्यों से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार और श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीराम तिवारी के मुताबिक प्रतियोगिता 11 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन हुई। ग्राफिक से समझिए…
कुल 63,736 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया और 58,099 ने प्रश्नपत्र हल किया। 23 अक्टूबर को सबसे ज्यादा अंक और सबसे कम समय के आधार पर 5,514 प्रतिभागियों की मेरिट सूची बनी। इसमें से स्कूल और कॉलेज, दोनों वर्गों में लॉटरी से 102 विजेता चुने गए। विजेताओं के नाम श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की वेबसाइट shrikrishnapatheynyas.com पर हैं।
खंडवा से सबसे ज्यादा 6 विजेता
जिलावार चयन में खंडवा सबसे आगे है। अशोकनगर, बड़वानी, नर्मदापुरम, सिवनी, सिंगरौली और उमरिया से 4-4 विद्यार्थी चुने गए। बुरहानपुर, छतरपुर, गुना, झाबुआ, कटनी, मऊगंज, सागर, सतना, श्योपुर और उज्जैन से 3-3 विजेता हैं। मैप से समझें…
अब जानिए, 1956 में बना था मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आधिकारिक इतिहास के मुताबिक नया मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत बना। 1 नवंबर 1956 को गठन के बाद से इसी दिन स्थापना दिवस मनाया जाता है। इस साल प्रदेश के 70 साल पूरे हो रहे हैं।
स्थापना दिवस के बाद अगला बड़ा आयोजन 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती का होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दिन मध्यप्रदेश सहित पूरा देश जयंती धूमधाम से मनाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस कब है?
हर साल 1 नवंबर को। प्रदेश 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत बना था।
इस बार स्थापना दिवस किस थीम से जुड़ा है?
जनसंपर्क विभाग के मुताबिक सरकार ने किसान हितैषी योजनाओं और कामों को जोड़कर स्थापना दिवस मनाने का निर्णय लिया है।
भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति में कितनी राशि मिलेगी?
हर विजेता को ₹1 लाख और प्रमाण पत्र। कुल 102 विद्यार्थी चुने गए हैं।
छात्रवृत्ति विजेताओं की सूची कहां देखें?
श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की वेबसाइट shrikrishnapatheynyas.com पर।
स्रोत जनसंपर्क विभाग, श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
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