रामनगर/मैहर : जनपद पंचायत रामनगर में भ्रष्टाचार की एक नई कहानी सामने आई है। वर्ष 2022 में एक संविदा कर्मी सहायक सचिव रोजगार सहायक की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव जारी होने के बावजूद, उसे बिना कार्य किए पांच लाख रुपये का भुगतान किया गया।

यह मामला जनपद के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा बड़े रहस्यमय तरीके से अंजाम दिया गया है। इसमें बंद लिफाफे में कार्यवाही की गई है, जिससे यह पूरा खेल पर्दे के पीछे चलता रहा।

एक तरफ जहां सेवा समाप्ति का प्रस्ताव कलेक्टर सतना को 09 फरवरी 2022 को भेजा गया था, वहीं दूसरी तरफ संबंधित सहायक सचिव को बिना किसी जिम्मेदारी के पूरा भुगतान किया गया। गौरव सिंह, सहायक सचिव रोजगार सहायक, की लापरवाही के चलते उन्हें कई बार मौखिक और पत्रों के माध्यम से चेतावनी दी गई थी, लेकिन कार्य में कोई सुधार नहीं हुआ।

यह पत्र जनपद की फाइलों में कहीं दफन हो गया था, लेकिन अब वह बिना कार्य के पूरे भुगतान की कहानी कहता है।

इस मामले की जांच की आवश्यकता है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कैसे बिना कार्य के इतना बड़ा भुगतान किया गया और इससे जुड़ी सभी जिम्मेदारियों को तय किया जा सके।