शहडोल
जिले में रेत खदानों के टेंडर समाप्त होने के बाद भी अवैध उत्खनन और परिवहन का खेल लगातार जारी है। जिला प्रशासन और खनिज विभाग की संयुक्त कार्यवाहियों के बावजूद रेत माफियाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। जिले के कई थाना क्षेत्रों में रात-दिन अवैध रेत खनन और परिवहन खुलेआम संचालित हो रहा है, जिससे शासन को राजस्व की भारी क्षति पहुंच रही है।सूचना के बाद जैतपुर एवं ब्यौहारी अंतर्गत पुलिस एवं खनिज विभाग ने संयुक्त करवाही करते हुए भारी मात्रा में 140 घन मीटर रेत के अवैध भंडारण में करवाही कर रेत को नष्ट किया गया है लेकिन माफिया की जानकारी नहीं लग सकी
जानकारी के अनुसार जैतपुर, सोहागपुर, सिंहपुर, देवलोंद, ब्यौहारी, जयसिंहनगर और गोहपारू थाना क्षेत्रों में खनिज माफिया पूरी तरह सक्रिय हैं। नदी-नालों से भारी मशीनों के माध्यम से रेत निकाली जा रही है और ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा हाईवा वाहनों के जरिए रात के अंधेरे में परिवहन किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर प्रशासनिक निगरानी कमजोर होने का फायदा उठाकर अवैध खनन को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रेत से भरे वाहन मुख्य सड़कों से लेकर गांवों के रास्तों तक तेज रफ्तार में दौड़ रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं नदी क्षेत्रों में लगातार हो रहे उत्खनन से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
हालांकि पुलिस और खनिज विभाग द्वारा समय-समय पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए कई वाहनों को जब्त किया गया है और चालानी कार्रवाई भी की गई, लेकिन इसके बावजूद अवैध कारोबार पर स्थायी रोक नहीं लग सकी है।

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