धार/सरदारपुर: रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना में एक बेटे ने महज मकान बेचने के विवाद में अपने ही पिता की निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने 24 दिसंबर को बरमंडल में हुई इस अंधी हत्या का पर्दाफाश करते हुए आरोपी पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है।

यह है मामला -


एसडीओपी (SDOP) विश्वदीप सिंह परिहार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 24 दिसंबर को राजोद थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम बरमंडल में 62 वर्षीय जगदीश दातलेचा (पिता शंकरलाल दातलेचा) का शव उनके घर के अंदर पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा। घटना स्थल का निरीक्षण करने पर मृतक के सिर में गंभीर चोटों के निशान पाए गए। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे हत्या का मामला मानते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।

संपत्ति का लालच बना हत्या की वजह - 


पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, एएसपी विजय डावर और एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रामसिंह राठौर ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। जांच के दौरान मृतक के पुत्र बाबुलाल दातलेचा पर पुलिस को संदेह हुआ। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की, तो बाबुलाल टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह अपने पिता का मकान बेचना चाहता था।पिता जगदीश दातलेचा मकान बेचने से मना कर रहे थे। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में विवाद चल रहा था।

ईंट से सिर कुचलकर की हत्या - 


थाना प्रभारी राठौर के अनुसार आरोपी ने कबूला कि 23 दिसंबर की रात करीब 10 बजे इसी विवाद के चलते उसने आवेश में आकर पास ही पड़ी ईंट से अपने पिता के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद वह मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी बाबुलाल की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त ईंट, घटना के समय इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और खून से सने कपड़े जब्त कर लिए हैं। 

अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी रामसिंह राठौर, सउनि मनीष परमार, सउनि पी.एस. डामोर, सउनि रमेशचन्द्र भाभर, प्रधान आरक्षक हकरिया गणावा, अर्जुन सिकरवार, राजेश चौहान, आरक्षक विक्रम अहिरवार, दीपक मईडा, महेन्द्र वसुनिया, अकलेश यादव, वेलसिंह मेडा, दिलीप मण्डलोई और सैनिक राजेश बगडावत का महत्वपूर्ण योगदान रहा।