ओंकारेश्वर 

महाशिवरात्रि पर आस्था का सैलाब उमड़ने के बाद तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर के घाटों पर गंदगी का अंबार लग गया। श्रद्धालुओं द्वारा छोड़ी गई पूजन सामग्री, कपड़े और प्लास्टिक से घाटों की तस्वीर बदल गई। हालात ऐसे बने कि सफाई कर्मियों की कमी के बीच नगर परिषद को खुद मोर्चा संभालना पड़ा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) मोनिका पारधी स्वयं टीम के साथ मैदान में उतर आईं। स्वच्छता कर्मियों के साथ-साथ लिपिक और नगर परिषद की ऑफिस टीम भी घाटों की सफाई में जुट गई।

लगातार तीन से चार घंटे तक चले विशेष स्वच्छता अभियान में शहर के विभिन्न घाटों से भारी मात्रा में कचरा हटाया गया। घाटों की सीढ़ियों से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक फैली गंदगी को साफ कर नगर परिषद ने बड़ी राहत दी।

अभियान के दौरान सीएमओ मोनिका पारधी ने स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि “मां नर्मदा हमारी आस्था और जीवन का आधार हैं, उन्हें स्वच्छ रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।” उन्होंने सभी से अपने आसपास सफाई बनाए रखने और स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग करने का आग्रह किया।

महाशिवरात्रि के बाद शुरू हुआ यह स्वच्छता महाअभियान अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर परिषद की इस पहल को तीर्थ नगरी को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।