अनूपपुर: पवित्र नदियों और सघन वनों से सजी धरती, जो विंध्य, नर्मदा और सतपुड़ा की गोद में बसी है, आज गंभीर पर्यावरणीय संकट के मुहाने पर खड़ी है। कोतमा तहसील के ग्राम छतई में अदाणी पावर प्लांट के विस्तार और केवई नदी पर प्रस्तावित स्टॉप डैम ने विकास बनाम विनाश की बहस को नई दिशा दी है। 3200 मेगावाट की क्षमता वाले इस महाकाय पावर प्लांट की 'पानी की भूख' क्षेत्र को गंभीर जल संकट की ओर धकेल सकती है।
केवई नदी पर स्टॉप डैम: पारिस्थितिकीय खतरा
केवई नदी, जिसे इस क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है, पर स्टॉप डैम का निर्माण इसके प्राकृतिक प्रवाह को बाधित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊपरी प्रवाह पर बांध बनने से निचले इलाकों में 'इकोलॉजिकल फ्लो' समाप्त हो जाएगा, जिसका सीधा प्रभाव सोन नदी पर भी पड़ेगा।
खेती और भूजल पर संकट
अनूपपुर एक कृषि प्रधान जिला है जहां केवई नदी के किनारे बसे गांवों के हजारों किसान सिंचाई के लिए इसी पर निर्भर हैं।
- घटता जलस्तर: स्टॉप डैम में पानी रुकने से भूजल पुनर्भरण की प्रक्रिया धीमी होगी, जिससे कूएं और हैंडपंप सूखने की कगार पर होंगे।
- बंजर होती जमीन: प्लांट से निकलने वाली 'फ्लाई ऐश' और रसायनों का रिसाव उपजाऊ भूमि को बंजर बना सकता है।
राख और प्रदूषण का अंबार
परियोजना के विस्तार से राख का उत्पादन कई गुना बढ़ेगा। यदि यह राख केवई के जल में मिलती है, तो पानी में भारी धातुओं की मात्रा बढ़ेगी, जिससे मानव स्वास्थ्य और जलीय जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
वन्यजीवों पर खतरा
यह क्षेत्र कान्हा और अचानकमार जैसे टाइगर रिजर्व के बीच एक महत्वपूर्ण गलियारा है। नदी पर भारी निर्माण वन्यजीवों के विस्थापन का कारण बनेगा, जिससे 'मानव-वन्यजीव संघर्ष' की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
जनसुनवाई और विरोध की आवाजें
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना के लिए की गई जनसुनवाई केवल औपचारिकता थी। ग्रामीणों की चिंता है कि उनकी जमीन और पानी का हक निजी कंपनी के मुनाफे की भेंट चढ़ रहा है।
चेतावनी या अवसर?
औद्योगिकीकरण रोजगार दे सकता है, लेकिन वह स्वच्छ हवा और पानी का विकल्प नहीं हो सकता। यदि प्रशासन ने केवई नदी के संरक्षण और किसानों के जल अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो अनूपपुर की आने वाली पीढ़ियां केवल राख के ढेर और सूखे जल स्रोतों के बीच जीने को मजबूर होंगी। वक्त रहते सचेत होना जरूरी है, अन्यथा विकास की यह प्यास केवई का अस्तित्व ही मिटा देगी।
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