त्यौंथर/प्रयागराज: प्रयागराज में आज से माघ मेले की विधिवत शुरुआत हो चुकी है. इस अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के भारी संख्या में पहुंचने की संभावना है। इसको ध्यान में रखते हुए, उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे मध्य प्रदेश के रीवा जिले के त्यौंथर में प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

रीवा जिला प्रयागराज जाने वाले प्रमुख मार्गों में से एक है, इसलिए यहां पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

महाकुंभ 2025 का अनुभव और तैयारियां

महाकुंभ 2025 के दौरान नेशनल हाईवे-30 पर भारी यातायात दबाव देखा गया था। उस समय वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं, जिससे घंटों जाम की स्थिति बनी। जाम में फंसे तीर्थ यात्री मुख्यतः दक्षिण भारत के महाराष्ट्र और तेलंगाना राज्य से प्रयागराज की ओर जा रहे थे और उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।

इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए, इस बार प्रशासन कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहता है।

यातायात व्यवस्था और सुरक्षा

माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है।

  • वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था
  • पार्किंग स्थलों का प्रबंधन
  • पुलिस बल की तैनाती
  • निगरानी के पुख्ता इंतजाम

प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के माघ मेले में पहुंचें और बीते वर्षों जैसी जाम की स्थिति दोबारा न बने।

इस बार की तैयारी और सावधानी से प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन का शांतिपूर्ण और सुरक्षित अनुभव कर सकें।