टीकमगढ़ को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान, 5 एकड़ में बनेगा देश का सबसे बड़ा दिव्यांग पार्क
राजेश यादव
टीकमगढ़। नगर विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है और इस ऐतिहासिक उपलब्धि के केंद्र में नगर पालिका परिषद टीकमगढ़ के उपयंत्री दीपक विश्वकर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका उभरकर सामने आ रही है। दिव्यांगजनों के लिए देश का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक दिव्यांग पार्क विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना अब धरातल पर उतरने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। यह बहुप्रतीक्षित परियोजना जिला न्यायालय के पीछे स्थित नगर पालिका परिषद की लगभग 5 एकड़ भूमि पर आकार लेगी। नगर पालिका परिषद की बैठक में जमीन आरक्षित करने का प्रस्ताव पारित होने के साथ ही इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी तकनीकी स्तर पर उपयंत्री दीपक विश्वकर्मा के नेतृत्व में तेज गति से आगे बढ़ाई जा रही है। परियोजना की तकनीकी रूपरेखा तैयार करने से लेकर प्रक्रियात्मक कार्रवाई को गति देने तक हर स्तर पर दीपक विश्वकर्मा की सक्रिय भूमिका देखी जा रही है। उनकी कार्यशैली और योजनाबद्ध रणनीति के कारण यह प्रोजेक्ट प्रशासनिक प्राथमिकता सूची में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। इस महत्वाकांक्षी योजना को साकार रूप देने में टीकमगढ़ के लोकप्रिय सांसद एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, कलेक्टर विवेक श्रोतिय और मुख्य नगरपालिका अधिकारी ओमपाल सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन के साथ तकनीकी क्रियान्वयन की कमान उपयंत्री दीपक विश्वकर्मा ने मजबूती से संभाली हुई है। विश्वकर्मा के निर्देशन में दिव्यांग पार्क निर्माण से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा रही हैं।
उपयंत्री दीपक विश्वकर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पार्क की डीपीआर, ड्राइंग और आधुनिक इंटरनेशनल स्टैंडर्ड डिजाइन तैयार करने के लिए कंसलटेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। यह प्रस्ताव परिषद की पीआईसी बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
नपा उपयंत्री दीपक विश्वकर्मा के अनुसार यह दिव्यांग पार्क केवल मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में अपनी तरह का सबसे बड़ा और सर्वसुविधायुक्त पार्क होगा। वर्तमान में देश का सबसे बड़ा दिव्यांग पार्क नागपुर में लगभग 90 हजार वर्गफीट क्षेत्र में फैला है, जबकि टीकमगढ़ में बनने वाला पार्क लगभग 2 लाख 61 हजार 360 वर्गफीट क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इस प्रकार क्षेत्रफल, सुविधाओं और संरचना—तीनों ही दृष्टि से यह पार्क राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बनेगा। प्रस्तावित पार्क को विशेष रूप से 21 प्रकार की दिव्यांगताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाएगा। नपा उपयंत्री दीपक विश्वकर्मा ने बताया कि पार्क पूरी तरह दिव्यांग अनुकूल होगा, जिसमें व्हीलचेयर फ्रेंडली रैंप, विशेष पाथवे, ब्रेल साइन बोर्ड, सुरक्षित प्रवेश और आधुनिक संकेत व्यवस्था शामिल रहेगी। पार्क की डिजाइनिंग इस तरह की जा रही है कि हर प्रकार के दिव्यांगजन बिना किसी बाधा के सभी सुविधाओं का उपयोग कर सकें। पार्क में दिव्यांगजनों के शारीरिक, मानसिक और संवेदनात्मक विकास को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें ओपन जिम, लूडो पार्क, शतरंज पार्क जैसी गतिविधियों के साथ-साथ म्यूजिक थेरेपी पार्क, वाटर थेरेपी पार्क, सेंसरी पार्क, स्मेल गार्डन और टच गार्डन जैसी विशेष सुविधाएं शामिल होंगी। पूरा पार्क “अनुभूति पार्क” की अवधारणा पर आधारित रहेगा। इसके अलावा पार्क परिसर में हॉस्टल, डॉक्टर रूम, वॉटर पार्क सहित अन्य सहायक सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं, जिससे दिव्यांगजनों को उपचार, प्रशिक्षण, मनोरंजन और पुनर्वास की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें। नगर पालिका परिषद का उद्देश्य इस पार्क को दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन का राष्ट्रीय मॉडल बनाना है। गौरतलब हो कि उपयंत्री दीपक विश्वकर्मा की तकनीकी दक्षता, समर्पण और लगातार मॉनिटरिंग के कारण यह परियोजना तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी होने की मजबूत संभावना है। यह परियोजना न केवल टीकमगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगी, बल्कि आने वाले समय में शहर के विकास का प्रतीक भी बनेगी।
तकनीकी मजबूती का चेहरा- उपयंत्री दीपक
टीकमगढ़ में प्रस्तावित देश के सबसे बड़े दिव्यांग पार्क प्रोजेक्ट को तकनीकी स्तर पर मजबूत दिशा देने में नगर पालिका परिषद के उपयंत्री दीपक विश्वकर्मा की अहम भूमिका सामने आ रही है। परियोजना की प्रारंभिक रूपरेखा तैयार करने से लेकर डीपीआर प्रक्रिया शुरू कराने, डिजाइन प्लानिंग, कंसलटेंट चयन और आगे की तकनीकी कार्यवाहियों को गति देने में उनका विशेष योगदान माना जा रहा है। उपयंत्री दीपक विश्वकर्मा लगातार प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पार्क आधुनिक तकनीक, दिव्यांग अनुकूल सुविधाओं और राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुसार तैयार हो। नगर पालिका के अंदर उन्हें तकनीकी रूप से मजबूत, योजनाबद्ध कार्यशैली वाले और परिणाम देने वाले अधिकारी के रूप में देखा जाता है। नगर विकास से जुड़े इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट को समय सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा कराने में दीपक विश्वकर्मा की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। स्थानीय स्तर पर भी उनके कार्यों की सराहना की जा रही है और उन्हें इस महत्वाकांक्षी योजना का तकनीकी स्तंभ माना जा रहा है।
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