*“त्योंथर में बाढ़ का तांडव—सड़कें बनीं दरिया, 40 गांवों का संपर्क टूटा, बिजली सप्लाई ठप और जान बचाने को छतों पर चढ़े लोग।”*

*रायपुर-सोनोरी मार्ग जलमग्न, अमाव में 5 फीट ऊपर बहा पानी; बोलेरो चालक ने छत पर बैठकर बचाई जान*

*पड़री में पानी में फंसी बस को ग्रामीणों ने धक्का देकर निकाला, पावर स्टेशन में पानी घुसने से 30 गांवों की बिजली गुल*

त्योंथर। लगातार हो रही भारी बारिश ने त्योंथर क्षेत्र में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और कई प्रमुख मार्गों पर बाढ़ का पानी बहने लगा है। रायपुर-सोनोरी को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग का संपर्क कई स्थानों पर टूट गया है। अमाव और पड़री गांव में सड़क के ऊपर करीब पांच फीट पानी बहने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। हालात इतने गंभीर हैं कि करीब 40 गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है।

*बोलेरो चालक ने छत पर बैठकर बचाई जान*

अमाव गांव में सड़क पर तेज बहाव के बीच एक बोलेरो वाहन पानी में फंस गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि वाहन को आगे निकालना मुश्किल हो गया। स्थिति बिगड़ती देख बोलेरो चालक ने वाहन की छत पर चढ़कर अपनी जान बचाई। बाद में ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर बुलाया गया और काफी मशक्कत के बाद बोलेरो वाहन को पानी के तेज बहाव से बाहर निकाला गया। घटना ने क्षेत्र में प्रशासनिक इंतजामों और बाढ़ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

*पड़री में बस फंसी, ग्रामीणों ने लगाया जोर*

इसी तरह पड़री गांव में बाढ़ के पानी में एक बस फंस गई। बस के पहिए पानी में धंस जाने के बाद वाहन आगे नहीं बढ़ सका। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने एकजुट होकर बस को धक्का लगाया और काफी प्रयास के बाद उसे पानी से बाहर निकाला। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

*पावर स्टेशन में घुसा पानी, 30 गांवों की बिजली बंद*

भारी बारिश और जलभराव का असर विद्युत व्यवस्था पर भी पड़ा है। चंद्रपुर और रायपुर-सोनोरी पावर स्टेशन में पानी घुसने के कारण करीब 30 गांवों रायपुर सोनारी एवं चांदपुर में करीब 40 की बिजली आपूर्ति बंद हो गई है। बिजली गुल होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के कारण विद्युत व्यवस्था को बहाल करना भी चुनौती बना हुआ है।

*डीह पुल डूबा, कई नदियां उफान पर*

बारिश के चलते डीह पुल भी पानी में डूब गया है। क्षेत्र की टमस, बेलन, नैना और गोरमा नदियां उफान पर हैं। नदी-नालों में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। कई जगहों पर पानी सड़कों के ऊपर से तेज बहाव के साथ गुजर रहा है।

*त्योंथर की पुरानी बस्ती बनी टापू*

त्योंथर की पुरानी बस्ती में भी जलभराव के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। बस्ती चारों ओर से पानी से घिरने के कारण टापू जैसी स्थिति में पहुंच गई है। लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। लगातार बारिश के बीच ग्रामीणों में भय का माहौल है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
क्षेत्र में लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रभावित मार्गों पर आवागमन रोकना और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव दल तैनात किया जाए तथा जलभराव वाले मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके ।