रीवा/त्यौंथर: जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत देउर कोठार की गौशाला में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं। निवर्तमान सचिव ने खुलासा किया है कि बिना गौवंश के ही सरपंच द्वारा लाखों रुपए निकाले जा रहे हैं। सचिव का निलंबन भी इसी विवादित मामले के कारण हुआ है।
आरोपों के मुख्य बिंदु:
- गौशाला में गौवंश की अनुपस्थिति के बावजूद लाखों रुपए की निकासी।
- सचिव द्वारा विरोध जताने पर प्रशासनिक कार्रवाई के तहत निलंबन।
- सचिव ने सरपंच पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप।
निलंबित सचिव का कहना है कि उन्होंने सरपंच द्वारा की जा रही अनियमितताओं का विरोध किया था। इसके बावजूद, उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया।
इस प्रकरण ने पंचायत और प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की जा रही है।
इस मामले में विस्तृत जांच और पारदर्शिता की आवश्यकता है ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें। निवर्तमान सचिव का यह आरोप प्रशासन के लिए चेतावनी है कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाए।
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