विदिशा संवाददाता नीलेश शर्मा की खास रिपोर्ट
विदिशा, मध्य प्रदेश: विदिशा जिले के कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने बुधवार को ग्राम उदयपुर स्थित शासकीय आदिवासी जूनियर प्राथमिक बालक आश्रम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान छात्रावास में बच्चों की अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने अधीक्षक को कथित तौर पर 'जूते मारने' की धमकी दी, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
छात्रावास अधीक्षक चैन सिंह चिढ़ार ने जानकारी दी कि शीतलहर के चलते दो दिन का अवकाश घोषित किया गया था, जिसके कारण बच्चे अनुपस्थित थे। कलेक्टर गुप्ता इस जवाब से काफी नाराज हो गए और उन्होंने अधीक्षक को सभी अधिकारियों के सामने अपमानित करने की कोशिश की।
अधीक्षक चिढ़ार ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वे 55 वर्ष के हैं और इस प्रकार की भाषा से उन्हें गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने बताया कि वे अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से आते हैं और कलेक्टर के इस व्यवहार के खिलाफ उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायती आवेदन सौंपने का निर्णय लिया है।
घटना के प्रत्यक्षदर्शी अन्य शासकीय कर्मचारियों ने भी नाम न छापने की शर्त पर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कलेक्टर उनके वरिष्ठ अधिकारी हैं, लेकिन ऐसी भाषा का उपयोग उनकी मान-मर्यादा को ठेस पहुंचाता है।
इस मामले ने प्रशासनिक दायरे में गंभीर चर्चाओं को जन्म दिया है और यह देखना दिलचस्प होगा कि उच्च अधिकारी इस पर क्या कदम उठाते हैं।
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