*सड़क पर धान रोपकर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, तीन दिन बाद प्रशासन के आश्वासन पर टूटा आमरण अनशन*

*घुसरूम–नौवस्ता सड़क, जर्जर विद्युत केबिलीकरण और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर चला आंदोलन, तीन दिन बाद प्रशासन ने की वार्ता*

त्योंथर। घुसरूम से नौवस्ता तक सड़क निर्माण, जर्जर विद्युत केबिलीकरण बदलने तथा क्षेत्र की अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर जनपद पंचायत सदस्य वेद प्रकाश तिवारी ग्रामीणों के साथ तीन दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे रहे। आंदोलन के दौरान कई दिनों तक प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़क पर धान की रोपाई कर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि जब सड़क वर्षों से खेत का रूप ले चुकी है, तो उसमें खेती ही कर ली जाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि आजादी के बाद से घुसरूम से नौवस्ता तक सड़क निर्माण नहीं कराया गया। वहीं जर्जर विद्युत केबिलों के कारण आए दिन बिजली आपूर्ति बाधित रहती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। इन समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और जनसुनवाई के माध्यम से शिकायतें व ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आमरण अनशन पर बैठे जनपद पंचायत सदस्य वेद प्रकाश तिवारी ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को सड़क, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाएं दिलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रहे ग्रामीण अब अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं।
तीन दिन तक चले आमरण अनशन के बाद आंदोलन की जानकारी मिलने पर एसडीएम राकेश चौरसिया एवं जनपद पंचायत सीईओ प्रवीण बांसोड मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन और सकारात्मक पहल के बाद तीसरे दिन वेद प्रकाश तिवारी ने ग्रामीणों की सहमति से आमरण अनशन समाप्त कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय-सीमा में मांगों पर अमल नहीं हुआ तो वे पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।