बैतूल/आमला:आमला-सारणी मार्ग को सुरक्षित, सुगम और कम दूरी वाला बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सैलाना विधानसभा क्षेत्र के विधायक कमलेश डोडियार को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने ग्राम आवरियाँ-ठानी-बेलोंड होकर नया वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग की है, जिससे आमला और सारणी के बीच की दूरी लगभग 3 से 4 किलोमीटर कम हो सकेगी।

भुमका घाटी में हादसों से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता

ग्रामीणों के अनुसार, 12 नवंबर 2025 को आमला-सारणी मार्ग स्थित भुमका घाटी में एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई थी, जिसमें सवार लोगों की जान बाल-बाल बची। इसके अलावा, 28 दिसंबर 2025 को एक ट्रैक्टर ने बाइक सवार को टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वहीं, 30 दिसंबर 2025 को एक अन्य ट्रैक्टर ने बाइक सवार को टक्कर मारी और चालक मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई ट्रैक्टर बिना पंजीयन के सड़क पर दौड़ रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।

इन घटनाओं ने मार्ग की खतरनाक स्थिति को उजागर कर दिया है और इसलिए आवरियाँ होकर सुरक्षित व बिना घाट वाला नया मार्ग अत्यंत आवश्यक है।

35 किलोमीटर लंबा पुराना मार्ग बना परेशानी का कारण

वर्तमान में आमला-सारणी मार्ग ग्राम बोरी होकर लगभग 35 किलोमीटर लंबा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस सड़क को बने 15 से 20 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज तक इस मार्ग पर बस या ट्रेक्सी जैसी सार्वजनिक परिवहन सुविधाएँ शुरू नहीं हो सकी हैं। केवल निजी वाहन रखने वाले लोग ही इस मार्ग का उपयोग कर पा रहे हैं, जबकि गरीब और मजदूर वर्ग के लिए यह सड़क लगभग अनुपयोगी साबित हो रही है।

मार्ग पर कई तीखे मोड़, ऊँचे-नीचे ढलान और खतरनाक घाट हैं, जिससे रोजाना सफर करने वाले लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। एक व्यक्ति को आमला-सारणी आने-जाने में लगभग 300 रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जबकि पाँच सदस्यों वाले परिवार को करीब 1500 रुपये का खर्च उठाना पड़ता है।

नया मार्ग बनने पर दूरी घटकर 20 किलोमीटर

ग्रामीणों ने बताया कि यदि आमला-आवरियाँ-ठानी-बेलोंड होकर नया मार्ग बनाया जाता है, तो दोनों शहरों के बीच की दूरी घटकर लगभग 20 किलोमीटर रह जाएगी।

  • बस संचालक आसानी से बसों का संचालन कर सकेंगे।
  • गरीब, मजदूर, छात्र, मरीज और रोजाना अप-डाउन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
  • एम्बुलेंस, पुलिस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहन कम समय में घटनास्थल तक पहुँच सकेंगे।

इससे कई कीमती जानें बचाई जा सकेंगी।

25-30 ज्ञापन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीणों ने बताया कि इस मांग को लेकर अब तक 25 से 30 बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके निर्माण से आमला-सारणी क्षेत्र को बड़ी सौगात मिलेगी।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि विधायक कमलेश डोडियार इस गंभीर समस्या पर ध्यान देंगे और क्षेत्रवासियों को सुरक्षित व सुगम आवागमन की सुविधा दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।