सतना से विशेष खबर -: विंध्य क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण तब सामने आया जब स्वर्गीय पंडित श्री रामनिहोरे मिश्र जी के पौत्र शिवेंद्र मिश्रा एवं दीपेंद्र मिश्रा का चयन भारतीय सेना में अधिकारी (लेफ्टिनेंट) पद के लिए हुआ। इस उपलब्धि से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

ग्राम पचली कला, पोस्ट कलबलिया, जिला सतना (म.प्र.) के एक संस्कारित ब्राह्मण परिवार में जन्मे दोनों युवाओं ने अपने कठिन परिश्रम, लगन और अनुशासन से यह मुकाम हासिल किया। इनके पिता महेंद्र कुमार मिश्रा स्वयं भारतीय सेना की सिग्नल्स कोर में सेवा दे चुके हैं और वर्तमान में मध्यप्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर एवं थाना प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं।

सेना की पृष्ठभूमि इस परिवार की पहचान रही है। इससे पहले इनके बड़े पापा इंद्रपाल मिश्रा और रामप्रताप मिश्रा भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में देशभक्ति और अनुशासन की भावना इन युवाओं को विरासत में मिली।

शिवेंद्र और दीपेंद्र की प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालयों में हुई। 12वीं के बाद दोनों की पढ़ाई आईआईटी दिल्ली और दिल्ली विश्वविद्यालय में जारी थी। इसी दौरान उन्होंने भारतीय सेना की कठिन चयन प्रक्रिया को पार करते हुए लेफ्टिनेंट पद के लिए चयन हासिल किया।

 सफलता का श्रेय

दोनों युवाओं की इस सफलता का श्रेय उनके अथक परिश्रम, निष्ठा, अनुशासन और पारिवारिक संस्कारों को जाता है। विशेष रूप से उनकी माता के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

देश सेवा का जज्बा

शिवेंद्र और दीपेंद्र ने अपने चयन के साथ यह संदेश दिया है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। अब वे भारतीय सेना में अधिकारी बनकर राष्ट्र की सेवा करेंगे और विंध्य क्षेत्र के साथ अपने परिवार का नाम रोशन करेंगे।

क्षेत्र में उत्साह

इस उपलब्धि से गांव, समाज और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। लोग इसे युवाओं के लिए प्रेरणा मान रहे हैं और दोनों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं।