9 अगस्त: विश्व आदिवासी दिवस की भव्य तैयारी के लिए कट्ठीवाड़ा में बैठक

प्रेम गुप्ता

कट्ठीवाड़ा। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को कट्ठीवाड़ा में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से स्थानीय सामुदायिक भवन में आदिवासी समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों की उपस्थिति में विस्तृत आयोजन रूपरेखा तय की गई। सर्वसम्मति से नानसिंह (जनरल) चौहान को कार्यक्रम अध्यक्ष, जबकि पारसिंह बारिया और सुनील कनेश को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कट्ठीवाड़ा आदिवासी अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव का केंद्र रहा है। वर्ष 2015 में यहीं से विश्व आदिवासी दिवस पर विशाल स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की शुरुआत हुई थी, जिसमें समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए थे। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र में नई पहचान स्थापित की थी।

इतिहास की बात करें तो 15 नवंबर 2019 को कट्ठीवाड़ा में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा की स्थापना ने आदिवासी स्वाभिमान को नई ऊंचाई प्रदान की थी। आज वही ऐतिहासिक परंपरा एक बार फिर समाज को प्रेरित कर रही है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष का विश्व आदिवासी दिवस केवल एक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह आदिवासी संस्कृति, परंपरा, जल-जंगल-जमीन, सामाजिक एकता और युवा शक्ति का विराट उत्सव बनेगा।

  • भव्य शोभायात्रा
  • पारंपरिक नृत्य
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
  • समाज के गौरवशाली इतिहास पर प्रदर्शनी
  • विचार गोष्ठी
  • युवा सम्मेलन एवं सम्मान समारोह

कट्ठीवाड़ा ने अतीत में जो ऐतिहासिक मिसाल कायम की है, उसे और अधिक भव्य रूप देते हुए इस वर्ष का आयोजन पूरे जिले ही नहीं, बल्कि प्रदेश के लिए भी प्रेरणास्रोत बनाया जाएगा।

बैठक के अंत में सभी समाजजनों ने आयोजन को अभूतपूर्व सफलता दिलाने का संकल्प लिया और अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।