रायसेन: उदयपुरा तहसील के ग्राम कुचवाड़ा से आए युवाओं ने मंगलवार को जनसुनवाई में एक अनोखे तरीके से अपनी मांगें प्रस्तुत कीं। इन युवाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा को नारियल भेंट करते हुए गांव की गौशाला की अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराने की मांग का आवेदन सौंपा। हालांकि, कलेक्टर ने नारियल लेने से इनकार कर दिया।

युवाओं का कहना है कि वे लंबे समय से गौशाला की भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के प्रयास में लगे हैं। पहले वे हर मंगलवार को प्रसिद्ध छींद धाम मंदिर में हनुमान जी को नारियल चढ़ाकर प्रार्थना करते थे, लेकिन अब उन्होंने सीधे प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का निर्णय लिया है। इसी भावना के तहत कलेक्टर को नारियल भेंट कर उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से अपनी गुहार लगाई।

युवाओं ने बताया कि गौशाला की जमीन अतिक्रमण मुक्त होने से गौमाताओं की बेहतर देखभाल संभव हो सकेगी और गौशाला का समुचित विकास हो सकेगा।

ग्राम कुचवाड़ा की विशेषताएं:

  • यह गांव आध्यात्मिक गुरु रजनीश उर्फ ओशो की जन्मस्थली है।
  • गांव के युवा एक समिति के माध्यम से गौ सेवा में सक्रिय हैं और मृत गौवंश का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार भी करते हैं।

युवाओं ने कलेक्टर से शीघ्र कार्रवाई कर गौशाला की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर गौ समिति को सौंपने की मांग की है।

ग्रामवासियों की यह पहल प्रशासन को एक स्पष्ट संदेश देती है कि गांव के लोग अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा के लिए सजग हैं और सरकार से उचित कार्रवाई की उम्मीद करते हैं।