भोपाल का लक्ष्मीनारायण मंदिर, बिड़ला मंदिर (फाइल फोटो) फोटो साभार Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi, CC BY-SA 4.0
आज गुरुवार 22 अक्टूबर 2026 को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जो भोपाल के समय के अनुसार दोपहर 2:47 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी शुरू हो जाएगी। आज पापांकुशा एकादशी का व्रत रखा जा रहा है।
पंचांग गणना के अनुसार भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:20 बजे और सूर्यास्त शाम 5:49 बजे होगा। राहुकाल दोपहर 1:31 से 2:57 बजे तक है।
चंद्रमा पूरे दिन कुंभ राशि में संचार करेगा। विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 चल रहा है।

एकादशी 2:47 बजे तक, शतभिषा नक्षत्र रात 8:49 तक
शतभिषा नक्षत्र रात 8:49 बजे तक है, फिर पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र लगेगा। वृद्धि योग रात 11:40 बजे तक रहेगा, इसके बाद ध्रुव योग शुरू होगा।
| पंचांग अंग | 22 अक्टूबर 2026, भोपाल |
|---|---|
| वार | गुरुवार |
| तिथि | शुक्ल एकादशी दोपहर 2:47 बजे तक, फिर द्वादशी |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत और पूर्णिमांत दोनों में) |
| विक्रम संवत | 2083 सिद्धार्थी |
| शक संवत | 1948 |
| नक्षत्र | शतभिषा रात 8:49 बजे तक, फिर पूर्वाभाद्रपद |
| योग | वृद्धि रात 11:40 बजे तक, फिर ध्रुव |
| करण | विष्टि (भद्रा) दोपहर 2:47 बजे तक, फिर बव रात 2:47 बजे तक, फिर बालव |
| चंद्र राशि | कुंभ (पूरे दिन) |
| सूर्य राशि | तुला |
कार्तिक नहीं, अभी आश्विन मास
आज कई लोग मान रहे होंगे कि कार्तिक मास शुरू हो गया है, पर चंद्र मास के हिसाब से अभी आश्विन ही चल रहा है। उत्तर भारत में मानी जाने वाली पूर्णिमांत परंपरा में कार्तिक मास 26 अक्टूबर को आश्विन पूर्णिमा समाप्त होने के बाद शुरू होगा।
अमांत परंपरा में कार्तिक दीपावली की अमावस्या के बाद शुरू होगा। सूर्य के तुला राशि में होने से सौर गणना वाले कैलेंडर में यह कार्तिक का समय गिना जाता है।
अभिजीत मुहूर्त 46 मिनट का, सुबह 11:42 से
भोपाल में आज का समय
- सूर्योदय सुबह 6:20 बजे, सूर्यास्त शाम 5:49 बजे
- चंद्रोदय दोपहर 3:21 बजे, चंद्रास्त 23 अक्टूबर तड़के 3:18 बजे
- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:40 से 5:30 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:42 से दोपहर 12:28 बजे तक
- अमृत काल दोपहर 1:18 से 2:58 बजे तक
गुरुवार के दिन अभिजीत मुहूर्त को दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। पूजा, खरीदारी या किसी नए काम की शुरुआत के लिए लोग अक्सर यही समय चुनते हैं।
राहुकाल दोपहर 1:31 से, भद्रा 2:47 बजे तक
| अशुभ समय | भोपाल में अवधि |
|---|---|
| राहुकाल | दोपहर 1:31 से 2:57 बजे तक |
| यमगंड | सुबह 6:20 से 7:46 बजे तक |
| गुलिक काल | सुबह 9:12 से 10:39 बजे तक |
| दुर्मुहूर्त | सुबह 10:10 से 10:56 बजे तक |
| भद्रा | सूर्योदय से दोपहर 2:47 बजे तक |
| वर्ज्य | 23 अक्टूबर तड़के 3:16 से 4:53 बजे तक |
आज सुबह से दोपहर 2:47 बजे तक विष्टि करण यानी भद्रा है। चंद्रमा के कुंभ राशि में होने से इस भद्रा का वास पृथ्वी लोक पर माना जाता है।
इसलिए परंपरा में इस दौरान मांगलिक काम टालने की सलाह दी जाती है। व्रत, पूजा और जप पर भद्रा का असर नहीं माना जाता।
दिन के 8 चौघड़िया, नए काम के लिए लाभ बेहतर
| दिन का चौघड़िया | समय |
|---|---|
| शुभ | सुबह 6:20 से 7:46 |
| रोग | सुबह 7:46 से 9:12 |
| उद्वेग | सुबह 9:12 से 10:39 |
| चर | सुबह 10:39 से दोपहर 12:05 |
| लाभ | दोपहर 12:05 से 1:31 |
| अमृत | दोपहर 1:31 से 2:57 |
| काल | दोपहर 2:57 से शाम 4:23 |
| शुभ | शाम 4:23 से 5:49 |
दिन में लाभ और शुभ चौघड़िया खरीदारी और लेनदेन के लिए अच्छे माने जाते हैं। ध्यान रहे कि दोपहर का अमृत चौघड़िया राहुकाल के साथ पड़ रहा है, इसलिए नया काम शुरू करना हो तो दोपहर 12:05 से 1:31 बजे का लाभ चौघड़िया बेहतर रहेगा।
रात में शाम 5:49 से 7:23 बजे तक अमृत और 7:23 से 8:57 बजे तक चर चौघड़िया रहेगा। देर रात 12:05 से 1:39 बजे तक लाभ चौघड़िया है।
पापांकुशा एकादशी, पारण 23 अक्टूबर की सुबह
आश्विन शुक्ल एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप की पूजा और व्रत करने से मन शांत होता है।
एकादशी तिथि 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे शुरू हुई थी और आज दोपहर 2:47 बजे खत्म होगी, इसलिए उदया तिथि के हिसाब से व्रत आज रखा जा रहा है।
व्रत का पारण 23 अक्टूबर शुक्रवार की सुबह सूर्योदय के बाद किया जाएगा। भोपाल में उस दिन सूर्योदय 6:21 बजे है और द्वादशी तिथि दोपहर 2:35 बजे तक है।
परंपरा के अनुसार पारण सुबह के समय और द्वादशी खत्म होने से पहले करना चाहिए। 23 अक्टूबर को शुक्र प्रदोष व्रत भी है।
ऊपर दिए सभी समय भोपाल के अक्षांश और देशांतर पर आधारित हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और राहुकाल जैसे समय कुछ मिनट आगे या पीछे हो सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
22 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?
22 अक्टूबर 2026 गुरुवार को आश्विन शुक्ल एकादशी दोपहर 2:47 बजे तक है, इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी।
आज राहुकाल कब है?
भोपाल में आज राहुकाल दोपहर 1:31 बजे से 2:57 बजे तक है।
पापांकुशा एकादशी 2026 का पारण कब होगा?
व्रत का पारण 23 अक्टूबर की सुबह सूर्योदय के बाद और द्वादशी तिथि खत्म होने यानी दोपहर 2:35 बजे से पहले किया जाएगा।
क्या 22 अक्टूबर 2026 को कार्तिक मास है?
नहीं, चंद्र मास के अनुसार आश्विन मास चल रहा है। पूर्णिमांत परंपरा में कार्तिक 26 अक्टूबर को पूर्णिमा के बाद और अमांत परंपरा में दीपावली की अमावस्या के बाद शुरू होगा।
स्रोत पंचांग गणना
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