प्राचीन चित्र में महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में देवर्षि नारद, नदी किनारे कुटिया के पास बैठे ऋषि (प्रतीकात्मक फोटो) फोटो साभार Wikimedia Commons / anonymous, Public domain

आज 26 अक्टूबर को देशभर में महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह X पर पोस्ट कर सभी को शुभकामनाएं दीं.

PM ने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जो बताता है कि महर्षि वाल्मीकि की करुणा से पहला श्लोक जन्मा और उसी से रामायण की नींव पड़ी. पंचांग गणना के मुताबिक आज पूर्णिमा तिथि सुबह 9.41 बजे तक है और कार्तिक स्नान भी आज से प्रारंभ हो रहा है.

PM ने क्या कहा, सुभाषित का अर्थ क्या है और आज की तिथि कैसी है, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में…

सवाल 1. वाल्मीकि जयंती पर PM मोदी ने क्या कहा?

जवाब- PIB की 26 अक्टूबर की रिलीज के मुताबिक प्रधानमंत्री ने X पर लिखा…

“आप सभी को महर्षि वाल्मीकि जयंती की असीम शुभकामनाएं। उनके सद्विचार भारतीय संस्कृति और विरासत के मूल तत्व रहे हैं, जो हर युग में राष्ट्र को पुष्पित-पल्लवित करते रहेंगे। मानवता के लिए उनके अनमोल संदेश देशवासियों के लिए सदैव पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे।”

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

सवाल 2. PM ने कौन सा संस्कृत सुभाषित साझा किया?

जवाब- प्रधानमंत्री ने यह श्लोक पोस्ट किया…

“तामभ्यगच्छद्रुदितप्रवादात्कविः कुशेध्माहरणाय यातः। निषादविद्धाण्डजदर्शनोत्थः श्लोकत्वमापद्यत यस्य शोकः॥”

PM मोदी द्वारा साझा संस्कृत सुभाषित

सवाल 3. क्रौंच पक्षी की कहानी क्या है, जिससे पहला श्लोक बना?

जवाब- PIB रिलीज में सुभाषित का भाव इस तरह बताया गया है…

  • महर्षि वाल्मीकि कुश घास और यज्ञ की समिधा लेने गए थे.
  • वहां उन्होंने मादा क्रौंच पक्षी का करुण विलाप सुना.
  • उनके निर्मल हृदय में जागी करुणा श्लोक के रूप में प्रकट हुई.
  • यही श्लोक रामायण की नींव बना, जिसमें महर्षि की करुणा, समता, तप और ज्ञान झलकता है.
ग्राफिक से समझिए, आज की तिथि, नक्षत्र और पर्व
ग्राफिक से समझिए, आज की तिथि, नक्षत्र और पर्व

सवाल 4. आज पंचांग में और क्या खास है?

जवाब- उज्जैन के सूर्योदय के अनुसार की गई पंचांग गणना में आज के 3 पर्व दर्ज हैं…

आज के पर्व और तिथि

  • पूर्णिमा. शुक्ल पूर्णिमा सुबह 9.41 बजे तक, इसके बाद कृष्ण प्रतिपदा.
  • कार्तिक स्नान प्रारंभ.
  • महर्षि वाल्मीकि जयंती.
  • नक्षत्र अश्विनी शाम 5.41 बजे तक, फिर भरणी.
  • सूर्योदय सुबह 6.32 बजे और सूर्यास्त शाम 5.48 बजे.

पंचांग गणना के अनुसार माह आश्विन है और विक्रम संवत 2083 चल रहा है. चंद्रमा पूरे दिन मेष राशि में रहेगा.

सवाल 5. शरद पूर्णिमा कब मनाई गई?

जवाब- शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर की रात मनाई गई. जनसंपर्क विभाग की रिलीज के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 25 अक्टूबर को ही शरद पूर्णिमा पर्व की शुभकामनाएं दी थीं. सोमवार सुबह पूर्णिमा तिथि समाप्त होने के बाद कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा शुरू हो जाएगी.

कुल मिलाकर आज का दिन वाल्मीकि जयंती, पूर्णिमा और कार्तिक स्नान के प्रारंभ का है. PM मोदी ने महर्षि के संदेशों को देशवासियों के लिए सदा पथ-प्रदर्शक बताया है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

महर्षि वाल्मीकि जयंती 2026 में कब है?

पंचांग गणना के अनुसार महर्षि वाल्मीकि जयंती 26 अक्टूबर 2026, सोमवार को है.

26 अक्टूबर को पूर्णिमा तिथि कब तक है?

उज्जैन के सूर्योदय के अनुसार पूर्णिमा तिथि सुबह 9.41 बजे तक है, इसके बाद कृष्ण प्रतिपदा शुरू होगी.

कार्तिक स्नान कब से शुरू है?

पंचांग गणना में कार्तिक स्नान का प्रारंभ 26 अक्टूबर 2026 को दर्ज है.

स्रोत PIB, पंचांग गणना, जनसंपर्क विभाग मध्यप्रदेश