दिवाली से पहले बाजार लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों से भर जाते हैं। कोई चमकीली रंगीन मूर्ति लेता है, कोई मिट्टी की। सवाल है कि पूजा के लिए कैसी मूर्ति लें।
पंचांग गणना के स्रोत हर दिवाली नई प्रतिमा की पूजा की बात करते हैं। वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB के दिशानिर्देश बताते हैं कि मूर्ति किस सामग्री की हो ताकि बाद में विसर्जन से पानी गंदा न हो।
आज जानेंगे कि-
- परंपरा में नई मूर्ति का क्या नियम है?
- लक्ष्मी और गणेश का रूप कैसा बताया गया है?
- मूर्ति खरीदते वक्त CPCB के कौन से नियम ध्यान रखें?

सवाल- क्या हर दिवाली नई मूर्ति लेनी चाहिए?
जवाब- पंचांग गणना के स्रोतों के अनुसार दिवाली पर अमावस्या तिथि में गणेश और लक्ष्मी की नवीन प्रतिमाओं की पूजा होती है। लक्ष्मी पूजा विधि में साफ लिखा है कि दिवाली पूजा के लिए महालक्ष्मी की नई प्रतिमा खरीदनी चाहिए। कई परिवार चांदी या धातु की स्थायी मूर्ति रखते हैं और साथ में नई मूर्ति लाते हैं। यह परिवार की परंपरा पर निर्भर है।
सवाल- लक्ष्मी जी का रूप कैसा बताया गया है?
जवाब- पंचांग गणना के स्रोतों में दिए लक्ष्मी ध्यान मंत्र में लक्ष्मी को पद्मासनस्था यानी कमल पर बैठी और पद्महस्ता यानी हाथ में कमल लिए बताया गया है। मंत्र में सोने के कलशों से उनके स्नान की बात भी है, जो गजलक्ष्मी रूप में दिखता है। खड़ी मुद्रा वाले चित्र और मूर्तियां भी पूजी जाती हैं।

सवाल- गणेश जी की मूर्ति कैसी हो?
जवाब- गणेश की ज्यादातर प्रचलित मूर्तियों में 4 भुजाएं होती हैं। हाथों में टूटा दांत, मिठाई या मोदक का पात्र, फरसा या अंकुश और पाश दिखता है और साथ में वाहन चूहा होता है। गणेश की मूर्तियां बैठी, खड़ी और नृत्य मुद्रा में भी बनती हैं। सूंड किस ओर हो, इस पर अलग अलग मान्यताएं हैं, इसलिए अपने परिवार की परंपरा मानें।
सवाल- CPCB मूर्ति की सामग्री पर क्या कहता है?
जवाब- CPCB के मई 2020 के संशोधित दिशानिर्देशों में कहा गया है कि परंपरा से मूर्तियां मिट्टी की बनती रही हैं। सिर्फ प्राकृतिक, जैविक रूप से घुलने वाली और पर्यावरण के अनुकूल सामग्री से बनी मूर्तियों की अनुमति हो और प्लास्टर ऑफ पेरिस यानी PoP की मूर्तियों पर रोक हो। मूर्तिकारों के लिए प्राकृतिक मिट्टी की बात है, PoP या पकी मिट्टी की नहीं।

सवाल- रंग और सजावट कैसी हो?
जवाब- दिशानिर्देशों के अनुसार मूर्ति रंगने में जहरीले और न घुलने वाले केमिकल रंग या ऑयल पेंट न हों। पानी आधारित, प्राकृतिक और गैर जहरीले रंग लें, जैसे हल्दी, चंदन और गेरू। गहनों के लिए सूखे फूल और पुआल, और चमक के लिए पेड़ों की प्राकृतिक राल की बात है। सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्माकोल की सजावट की अनुमति नहीं है।
सवाल- दुकान पर कैसे पहचानें?
जवाब- मूर्ति खरीदते वक्त इन बातों का ध्यान रखें…
- 1. दुकानदार से पूछें कि मूर्ति किस मिट्टी से बनी है, PoP तो नहीं।
- 2. रंग प्राकृतिक हैं या ऑयल पेंट, यह पूछें।
- 3. थर्माकोल, प्लास्टिक के गहने और चमकीली पन्नी वाली मूर्ति से बचें।
- 4. घर में घोलने लायक छोटी मूर्ति लें।
- 5. मूर्ति टूटी या दरार वाली न हो, मान्यता के अनुसार खंडित मूर्ति की पूजा नहीं होती।

सवाल- पुरानी मूर्ति का विसर्जन कैसे करें?
जवाब- CPCB के दिशानिर्देश कहते हैं कि छोटी मूर्तियों को घर पर पानी भरी बाल्टी में विसर्जित करें और पूरी तरह घुलने तक डूबी रहने दें। बड़ी मूर्तियां सिर्फ तय अस्थायी कुंड या टैंक में विसर्जित हों। फूल, कपड़े जैसी पूजा सामग्री पहले अलग करें और फूल-पत्तों से खाद बनाएं।
मूर्ति चुनने का तरीका हर परिवार में अलग है। जो भी लें, परंपरा के साथ नदी-तालाब का भी ख्याल रखें।
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1. दिवाली पर किसकी नई प्रतिमा खरीदने की बात कही गई है?
सही जवाब- महालक्ष्मी की, गणेश के साथ।
2. ध्यान मंत्र में लक्ष्मी किस पर बैठी हैं?
सही जवाब- कमल पर।
3. CPCB ने किस सामग्री की मूर्तियों पर रोक की बात कही है?
सही जवाब- प्लास्टर ऑफ पेरिस यानी PoP।
4. छोटी मूर्ति का विसर्जन कहां करें?
सही जवाब- घर पर पानी भरी बाल्टी में।
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WhatsApp पर शेयर करेंयह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणना पर आधारित है, StateNews इसकी पुष्टि नहीं करता।
कुछ कॉमन सवाल जवाब
दिवाली के लिए कौन सी मूर्ति लें?
परंपरा में नई प्रतिमा, और CPCB के अनुसार प्राकृतिक मिट्टी व प्राकृतिक रंग वाली।
क्या PoP की मूर्ति ले सकते हैं?
CPCB के 2020 दिशानिर्देश PoP मूर्तियों पर रोक की बात करते हैं।
पुरानी मिट्टी की मूर्ति का क्या करें?
घर पर पानी भरी बाल्टी में पूरी तरह घुलने तक रखें।
गणेश की सूंड किस ओर हो?
इस पर अलग मान्यताएं हैं, परिवार की परंपरा मानें।
स्रोत, पंचांग गणना के स्रोत (Drik Panchang, दिवाली पूजा विधि, लक्ष्मी पूजा विधि), CPCB, Revised Guidelines for Idol Immersion, 12 मई 2020 (TNPCB की NGT अनुपालन प्रति), Wikipedia (Ganesha, Gaja Lakshmi)। मुख्य फोटो साभार Wikimedia Commons / Bhaiyaji Smile 123, CC BY-SA 4.0।
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