उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर, फाइल फोटो फोटो साभार Wikimedia Commons / Ashverse, CC BY-SA 4.0
आज 25 अक्टूबर 2026, रविवार को आश्विन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 11:55 बजे तक है। इसके बाद पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी, जो 26 अक्टूबर सुबह 9:42 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा की रात आज ही पड़ने से शरद पूर्णिमा, कोजागरी पूजा और आश्विन पूर्णिमा का व्रत आज रखा जाएगा।
भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:22 बजे और सूर्यास्त शाम 5:47 बजे होगा। चंद्रोदय शाम करीब 5:05 बजे है। दिन में रेवती नक्षत्र शाम 7:22 बजे तक और हर्षण योग शाम 5:22 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से दोपहर 12:27 बजे तक है, जबकि राहुकाल शाम 4:21 से 5:47 बजे तक रहेगा।
ये सभी समय भोपाल के अक्षांश और देशांतर के अनुसार पंचांग गणना से लिए गए हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और मुहूर्त के समय कुछ मिनट आगे पीछे हो सकते हैं।
चतुर्दशी दोपहर तक, फिर पूर्णिमा
नीचे टेबल में आज के पंचांग के पांचों अंग और दिन के मुख्य समय एक साथ दिए गए हैं।
| अंग | आज की स्थिति (भोपाल) |
|---|---|
| वार | रविवार |
| तिथि | शुक्ल चतुर्दशी सुबह 11:55 बजे तक, फिर पूर्णिमा (26 अक्टूबर सुबह 9:42 बजे तक) |
| नक्षत्र | रेवती शाम 7:22 बजे तक, फिर अश्विनी |
| योग | हर्षण शाम 5:22 बजे तक, फिर वज्र |
| करण | वणिज सुबह 11:55 तक, विष्टि (भद्रा) रात 10:52 तक, फिर बव |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत और पूर्णिमांत दोनों में) |
| विक्रम संवत | 2083, सिद्धार्थी |
| शक संवत | 1948, पराभव |
| चंद्र राशि | मीन शाम 7:22 बजे तक, फिर मेष |
| सूर्य राशि | तुला |
| ऋतु और अयन | शरद ऋतु (वैदिक), दक्षिणायन |
| सूर्योदय और सूर्यास्त | सुबह 6:22 बजे, शाम 5:47 बजे |
| चंद्रोदय | शाम करीब 5:05 बजे |
आज शुक्ल पक्ष चल रहा है, इसलिए अमांत और पूर्णिमांत दोनों पद्धतियों में महीना आश्विन ही है। 26 अक्टूबर को पूर्णिमा खत्म होते ही पूर्णिमांत पद्धति में कार्तिक मास शुरू माना जाएगा, जबकि अमांत पद्धति में आश्विन मास अमावस्या तक चलेगा।
ग्राफिक से समझिए आज का पूरा दिन

अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल, ये रहे 6 शुभ समय
पंचांग गणना के अनुसार आज के शुभ समय इस तरह हैं…
आज के शुभ समय (भोपाल)
- ब्रह्म मुहूर्त, सुबह 4:41 से 5:31 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त, सुबह 11:41 से दोपहर 12:27 बजे तक
- विजय मुहूर्त, दोपहर 1:58 से 2:44 बजे तक
- अमृत काल, शाम 5:05 से 6:36 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त, शाम 5:47 से 6:12 बजे तक
- निशीथ काल, रात 11:39 से 12:30 बजे तक (26 अक्टूबर)
आज रवि योग सुबह 6:22 से शाम 7:22 बजे तक है। रविवार को अश्विनी नक्षत्र होने से सर्वार्थ सिद्धि योग शाम 7:22 बजे से 26 अक्टूबर सुबह 6:22 बजे तक रहेगा।
दिन के चौघड़िया में चर सुबह 7:47 से 9:13, लाभ 9:13 से 10:39 और अमृत 10:39 से दोपहर 12:04 बजे तक है। शुभ चौघड़िया दोपहर 1:30 से 2:56 बजे तक रहेगा। रात में शुभ शाम 5:47 से 7:21, अमृत 7:21 से 8:56 और चर 8:56 से 10:30 बजे तक है।
राहुकाल शाम 4:21 से, भद्रा रात 10:52 तक
मान्यता है कि इन समयों में नया या मांगलिक काम शुरू करने से बचना चाहिए…
आज के अशुभ समय (भोपाल)
- राहुकाल, शाम 4:21 से 5:47 बजे तक
- यमगंड, दोपहर 12:04 से 1:30 बजे तक
- गुलिक काल, दोपहर 2:56 से शाम 4:21 बजे तक
- दुर्मुहूर्त, शाम 4:15 से 5:01 बजे तक
- वर्ज्य, सुबह 7:57 से 9:28 बजे तक
- भद्रा, सुबह 11:55 से रात 10:52 बजे तक
- पंचक, सुबह 6:22 से शाम 7:22 बजे तक
- गंडमूल, पूरे दिन (रेवती और अश्विनी नक्षत्र)
भद्रा का समय पूर्णिमा के पहले हिस्से में पड़ रहा है। पंचक शाम 7:22 बजे रेवती नक्षत्र खत्म होने के साथ समाप्त हो जाएगा।
शरद पूर्णिमा आज, स्नान दान कल
पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर दोपहर 11:55 बजे से 26 अक्टूबर सुबह 9:42 बजे तक है। चंद्रोदय के समय और पूरी रात पूर्णिमा रहने के कारण शरद पूर्णिमा, कोजागरी लक्ष्मी पूजा और पूर्णिमा का व्रत आज 25 अक्टूबर को है।
कोजागरी पूजा का मुख्य समय निशीथ काल माना जाता है, जो रात 11:39 से 12:30 बजे तक है। परंपरा के अनुसार इस रात चंद्रमा की रोशनी में खीर रखी जाती है और अगली सुबह उसे प्रसाद के रूप में लिया जाता है।
उदया तिथि के हिसाब से 26 अक्टूबर, सोमवार को सूर्योदय के समय पूर्णिमा रहेगी, इसलिए स्नान दान की पूर्णिमा और महर्षि वाल्मीकि जयंती कल 26 अक्टूबर को मानी जाएगी। चातुर्मास का यह चौथा महीना चल रहा है। आज अन्वाधान भी है।
आज के व्रत और त्योहार
- शरद पूर्णिमा, 25 अक्टूबर
- कोजागरी लक्ष्मी पूजा, निशीथ काल रात 11:39 से 12:30
- आश्विन पूर्णिमा व्रत, 25 अक्टूबर
- अन्वाधान, 25 अक्टूबर
- स्नान दान पूर्णिमा और वाल्मीकि जयंती, 26 अक्टूबर
यह जानकारी मान्यताओं पर आधारित है, StateNews इसकी पुष्टि नहीं करता। किसी भी पूजा या मुहूर्त के लिए अपने स्थानीय पंडित या परिवार की परंपरा के अनुसार निर्णय लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
25 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?
भोपाल के अनुसार आश्विन शुक्ल चतुर्दशी सुबह 11:55 बजे तक है, इसके बाद पूर्णिमा शुरू होगी जो 26 अक्टूबर सुबह 9:42 बजे तक रहेगी।
शरद पूर्णिमा 2026 कब है?
पूर्णिमा की रात 25 अक्टूबर को पड़ने से शरद पूर्णिमा और कोजागरी पूजा 25 अक्टूबर, रविवार को है। स्नान दान की पूर्णिमा 26 अक्टूबर को है।
आज राहुकाल कब है?
भोपाल में आज राहुकाल शाम 4:21 से 5:47 बजे तक है।
आज अभिजीत मुहूर्त कितने बजे है?
भोपाल में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से दोपहर 12:27 बजे तक है।
आज भद्रा कब तक है?
भद्रा सुबह 11:55 बजे से रात 10:52 बजे तक रहेगी।
स्रोत पंचांग गणना
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