दिवाली पूजा की थाली में कई घरों में गोमती चक्र, कौड़ी और कमलगट्टा भी रखे जाते हैं। पूजा के बाद इन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या गल्ले में रखने का चलन भी कई परिवारों में है।
ये सब आस्था और मान्यता की बातें हैं, इनसे धन बढ़ने की कोई गारंटी नहीं है। इस खबर में जानिए कि ये चीजें असल में हैं क्या और भरोसेमंद स्रोत इनके बारे में क्या बताते हैं।
आज जानेंगे कि-
- गोमती चक्र, कौड़ी और कमलगट्टा असल में क्या हैं?
- लक्ष्मी पूजा से इनका क्या संबंध माना जाता है?
- पूजा के बाद तिजोरी में क्या रखने की परंपरा है?

सवाल- कौड़ी क्या है और लक्ष्मी पूजा से इसका क्या संबंध है?
जवाब- कौड़ी समुद्री घोंघे का चमकदार खोल है। हिंदी का शब्द कौड़ी संस्कृत के कपर्द से बना है। भारत में कौड़ियां लंबे समय तक लेन-देन में पैसे की तरह चलती थीं, इसलिए इन्हें धन से जोड़ा जाता है। संदर्भ स्रोतों के अनुसार कौड़ी का इस्तेमाल लक्ष्मी की पूजा में होता है। नेपाल में दीपावली यानी तिहार पर कौड़ियों को लक्ष्मी और धन का प्रतीक मानकर पूजा जाता है।
सवाल- गोमती चक्र क्या है?
जवाब- गोमती चक्र असल में टर्बिनिडी परिवार के एक समुद्री घोंघे का ढक्कन है, जिसे विज्ञान में ऑपरकुलम कहते हैं। घोंघा इससे अपने खोल का मुंह बंद करता है। इसका नाम गोमती इसलिए पड़ा क्योंकि यह द्वारका में गोमती नदी के पास मिलता बताया जाता है। हिंदू परंपरा में इसे पवित्र माना जाता है और मान्यता है कि यह धन, सेहत और सफलता से जुड़ा है।

सवाल- कमलगट्टा क्या है?
जवाब- कमलगट्टा कमल का बीज है। कमल भारत का राष्ट्रीय पुष्प है और लक्ष्मी से इसका गहरा संबंध माना जाता है। हिंदू मंदिरों में कमल खास तौर पर लक्ष्मी को चढ़ाया जाता है। श्रीसूक्त में लक्ष्मी को पद्मे स्थितां पद्मवर्णां यानी कमल पर बैठी और कमल के रंग वाली कहा गया है। कमल के बीजों की माला भी बनती है, जिसे कई लोग जप में इस्तेमाल करते हैं।

सवाल- इन तीनों में फर्क क्या है?
जवाब- एक नजर में समझिए…
| चीज | असल में क्या है | मान्यता |
|---|---|---|
| कौड़ी | समुद्री घोंघे का खोल, पुराने समय में पैसे की तरह चलती थी | लक्ष्मी और धन का प्रतीक |
| गोमती चक्र | समुद्री घोंघे का ढक्कन यानी ऑपरकुलम | धन, सेहत और सफलता से जुड़ा |
| कमलगट्टा | कमल का बीज | लक्ष्मी का प्रिय, श्रीसूक्त में कमल का जिक्र |
सवाल- पूजा के बाद तिजोरी में क्या रखते हैं?
जवाब- इसका कोई एक लिखित नियम नहीं है, यह हर परिवार में अलग है। कई घरों में पूजा के सिक्के, हल्दी की गांठ, अक्षत, कौड़ी, गोमती चक्र या कमलगट्टे लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखे जाते हैं। पंचांग गणना के स्रोतों में बस इतना है कि दिवाली पर तिजोरी को कुबेर का प्रतीक मानकर पूजा होती है और उस पर सिंदूर का स्वस्तिक बनाकर मौली बांधी जाती है।

सवाल- खरीदते वक्त क्या ध्यान रखें?
जवाब- कुछ जगह अभिमंत्रित या चमत्कारी बताकर ये चीजें बहुत महंगी बेची जाती हैं। ऐसे दावों पर भरोसा न करें। आस्था के लिए सामान्य पूजा सामग्री की दुकान से साधारण कीमत पर लें। किसी भी चीज को धन या सेहत का इलाज न मानें।
तिजोरी में क्या रखना है, यह आपके घर की परंपरा तय करती है। जो रीत बड़ों से मिली है, उसे ही निभाएं।
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1. गोमती चक्र असल में क्या है?
सही जवाब- समुद्री घोंघे का ढक्कन यानी ऑपरकुलम।
2. कौड़ी शब्द किस संस्कृत शब्द से बना है?
सही जवाब- कपर्द से।
3. कमलगट्टा क्या है?
सही जवाब- कमल का बीज।
4. तिजोरी को किसका प्रतीक मानकर पूजा होती है?
सही जवाब- कुबेर का।
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WhatsApp पर शेयर करेंयह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणना पर आधारित है, StateNews इसकी पुष्टि नहीं करता।
कुछ कॉमन सवाल जवाब
गोमती चक्र कहां मिलता है?
संदर्भ स्रोतों के अनुसार द्वारका में गोमती नदी के पास, यह समुद्री घोंघे का ढक्कन है।
क्या कौड़ी रखने से धन बढ़ता है?
यह मान्यता है, इसकी कोई गारंटी या प्रमाण नहीं।
कमलगट्टे का पूजा में क्या उपयोग है?
कई परिवारों में लक्ष्मी पूजा और हवन में, और कमल के बीजों की जप माला भी बनती है।
तिजोरी में क्या रखें?
इसका एक नियम नहीं, परिवार की परंपरा के अनुसार।
स्रोत, Wikipedia (Gomti Chakra, Cowrie, Nelumbo nucifera), पंचांग गणना के स्रोत (Drik Panchang, दिवाली पूजा विधि, कुबेर पूजा, श्री महालक्ष्मी सूक्तम्)। तिजोरी में चीजें रखना प्रचलित पारिवारिक परंपरा के रूप में। मुख्य फोटो साभार Wikimedia Commons / Vidya pmysore, CC BY-SA 4.0।
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