उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर, प्रदोष के दिन शिव मंदिरों में शाम की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है फोटो साभार Wikimedia Commons / Ashverse, CC BY-SA 4.0
आज शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 2:35 बजे तक है। इसके बाद त्रयोदशी शुरू होगी, जो शनिवार दोपहर तक रहेगी। शुक्रवार को त्रयोदशी की शाम पड़ने से आज शुक्र प्रदोष व्रत रखा जाएगा। पंचांग गणना के अनुसार भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:21 और सूर्यास्त शाम 5:48 बजे होगा।
आज विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 है। नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद रात 9:03 बजे तक है, फिर उत्तराभाद्रपद लगेगा। चंद्रमा दोपहर 3:03 बजे कुंभ से मीन राशि में प्रवेश करेगा। चंद्रमा के कुंभ और मीन राशि में रहने से आज पूरे दिन पंचक भी है।
5 अंगों में आज का पंचांग
| अंग | आज की स्थिति (भोपाल) |
|---|---|
| तिथि | शुक्ल द्वादशी दोपहर 2:35 तक, फिर त्रयोदशी |
| नक्षत्र | पूर्वाभाद्रपद रात 9:03 तक, फिर उत्तराभाद्रपद |
| योग | ध्रुव रात 10:08 तक, फिर व्याघात |
| करण | बालव दोपहर 2:35 तक, फिर कौलव (देर रात 2:11 तक) |
| वार | शुक्रवार |
| मास और पक्ष | आश्विन, शुक्ल पक्ष |
| चंद्र राशि | कुंभ दोपहर 3:03 तक, फिर मीन |
| सूर्योदय और सूर्यास्त | सुबह 6:21 और शाम 5:48 |
| चंद्रोदय | दोपहर 3:54 |

शुभ मुहूर्त 4, अशुभ समय भी 4
पंचांग गणना के अनुसार भोपाल में आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 बजे तक है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:41 से 5:31 बजे तक और अमृत काल दोपहर 12:58 से 2:35 बजे तक रहेगा।
राहुकाल सुबह 10:39 से दोपहर 12:05 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस दौरान नया काम शुरू नहीं करना चाहिए। गुलिक काल सुबह 7:47 से 9:13 बजे, यमगंड दोपहर 2:56 से 4:22 बजे और दुर्मुहूर्त सुबह 8:38 से 9:24 बजे तक है।

उज्जैन में समय 6 से 7 मिनट आगे
उज्जैन भोपाल से पश्चिम में है, इसलिए वहां सूर्योदय और सूर्यास्त कुछ मिनट देर से होते हैं। उज्जैन के लिए पंचांग गणना में सूर्योदय सुबह 6:31 और सूर्यास्त शाम 5:51 बजे बताया गया है। वहां राहुकाल सुबह 10:46 से दोपहर 12:11 बजे, गुलिक काल सुबह 7:56 से 9:21 बजे और यमगंड दोपहर 3:01 से 4:26 बजे तक रहेगा।
तिथि, नक्षत्र और योग के समाप्ति समय अलग अलग पंचांग गणनाओं में 1 मिनट तक ही अलग हैं, जैसे द्वादशी का अंत कहीं 2:35 तो कहीं 2:36 बजे।
शुक्र प्रदोष व्रत, शाम का ढाई घंटे का समय सबसे खास
प्रदोष व्रत हर महीने दोनों पक्षों की त्रयोदशी को भगवान शिव और माता पार्वती के लिए रखा जाता है। जिस वार को यह व्रत पड़ता है, उसी के नाम से इसे जाना जाता है। शुक्रवार को पड़ने के कारण आज का व्रत शुक्र प्रदोष कहलाता है।
मान्यता है कि शुक्र प्रदोष का व्रत सुख, सौभाग्य और दांपत्य जीवन में मधुरता के लिए रखा जाता है। प्रदोष व्रत में पूजा सूर्यास्त के बाद के प्रदोष काल में करने की परंपरा है। आज त्रयोदशी दोपहर 2:35 बजे से शुरू हो रही है, इसलिए शाम का प्रदोष काल त्रयोदशी में ही पड़ेगा। पंचांग गणना के अनुसार भोपाल में प्रदोष काल शाम 5:48 से रात करीब 8:18 बजे तक रहेगा।

परंपरा के अनुसार पूजा विधि के 6 चरण
- सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। दिन में फलाहार की परंपरा है।
- शाम को सूर्यास्त से पहले दोबारा स्नान कर साफ कपड़े पहने जाते हैं।
- प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक किया जाता है।
- बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल, अक्षत, चंदन और भोग अर्पित किए जाते हैं। माता पार्वती को श्रृंगार की सामग्री चढ़ाने की भी परंपरा है।
- ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप और प्रदोष व्रत कथा का पाठ किया जाता है।
- अंत में घी के दीपक से आरती होती है और अगले दिन व्रत का पारण किया जाता है।
2 दिन बाद शरद पूर्णिमा, 16 दिन बाद दीपावली
पंचांग गणना के अनुसार शरद पूर्णिमा रविवार 25 अक्टूबर को है। पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर सुबह 11:55 बजे से 26 अक्टूबर सुबह 9:41 बजे तक रहेगी, इसलिए चंद्रमा की पूजा 25 अक्टूबर की रात होगी। करवा चौथ गुरुवार 29 अक्टूबर को है, भोपाल में उस दिन चंद्रोदय रात 8:31 बजे बताया गया है।
| व्रत और त्योहार | तारीख |
|---|---|
| शरद पूर्णिमा | रविवार, 25 अक्टूबर 2026 |
| करवा चौथ | गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 |
| धनतेरस और शुक्र प्रदोष | शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 |
| नरक चतुर्दशी और दीपावली (लक्ष्मी पूजा) | रविवार, 8 नवंबर 2026 |
| गोवर्धन पूजा | मंगलवार, 10 नवंबर 2026 |
| भाई दूज | बुधवार, 11 नवंबर 2026 |
ध्यान रखें
- आज पूरे दिन पंचक है।
- राहुकाल भोपाल में सुबह 10:39 से 12:05, उज्जैन में 10:46 से 12:11 तक।
- प्रदोष पूजा भोपाल में शाम 5:48 से रात करीब 8:18 तक।
- मान्यताओं पर आधारित, StateNews इसकी पुष्टि नहीं करता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज कौन सी तिथि है?
आज 23 अक्टूबर 2026 को आश्विन शुक्ल द्वादशी दोपहर 2:35 बजे तक है, इसके बाद त्रयोदशी शुरू होगी।
आज भोपाल में राहुकाल कब है?
पंचांग गणना के अनुसार भोपाल में राहुकाल सुबह 10:39 से दोपहर 12:05 बजे तक है।
शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा का समय क्या है?
भोपाल में प्रदोष काल शाम 5:48 बजे सूर्यास्त से रात करीब 8:18 बजे तक है। इसी समय शिव पूजा की परंपरा है।
शरद पूर्णिमा 2026 कब है?
शरद पूर्णिमा रविवार 25 अक्टूबर 2026 को है। पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर सुबह 11:55 से 26 अक्टूबर सुबह 9:41 बजे तक है।
दीपावली 2026 कब है?
पंचांग गणना के अनुसार लक्ष्मी पूजा रविवार 8 नवंबर 2026 को होगी। धनतेरस 6 नवंबर और भाई दूज 11 नवंबर को है।
स्रोत पंचांग गणना
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