बड़ौत में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के चतुर्थ दिवस पर उमड़ा श्रद्धा और भक्ति का सैलाब

 

आचार्य श्री आर्जवसागर जी महाराज के सान्निध्य में मंगल प्रवचनों से श्रद्धालुओं को मिला धर्मलाभ

 

बड़ौत से विशेष समाचार संवाददाता मुकेश कुमार जैन 

 

बड़ौत। अजितनाथ सभागार में परम पूज्य आचार्य श्री 108 आर्जवसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और धर्ममय वातावरण देखने को मिला। विधान के धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मंगल प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को आत्मकल्याण, जिनभक्ति और धर्ममार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

 

प्रातःकालीन धार्मिक क्रियाओं एवं विधान पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से अर्घ्य समर्पित कर पुण्यार्जन किया। पूरा सभागार जिनेंद्र भगवान की भक्ति और धार्मिक जयघोषों से गुंजायमान रहा।

 

मंगल प्रवचन में आचार्यश्री ने धर्म के वास्तविक स्वरूप को समझने, जीवन में संयम और सदाचार अपनाने तथा आत्मा की शुद्धि के लिए पुरुषार्थ करने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि धार्मिक अनुष्ठानों की सार्थकता तभी है, जब उनके माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों, व्यवहार और परिणामों में सकारात्मक परिवर्तन लाए। जिनवाणी के श्रवण के साथ उसे जीवन में उतारना ही सच्ची धर्मसाधना है।

 

विधान महोत्सव में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की सहभागिता बढ़ रही है। यह आयोजन समाज में धार्मिक संस्कारों, आध्यात्मिक चेतना और जिनशासन के प्रति श्रद्धा को सुदृढ़ करने का माध्यम बन रहा है।

 

आयोजन स्थल: अजितनाथ सभागार, बड़ौत।

सान्निध्य: परम पूज्य आचार्य श्री 108 आर्जवसागर जी महाराज ससंघ।