बड़ौत में सिद्धचक्र महामंडल विधान का भव्य शुभारंभ
प्रथम दिन उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, आचार्य श्री आर्जवसागर जी महाराज के मंगल प्रवचन से भक्तिमय हुआ वातावरण
बड़ौत(संवाददाता मुकेश कुमार जैन )मंडी बड़ौत स्थित अजितनाथ सभागार में पूज्य आचार्य श्री आर्जवसागर जी महामुनिराज ससंघ के पावन सान्निध्य में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का भव्य शुभारंभ हुआ। 8 से 15 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इस आठ दिवसीय धार्मिक आयोजन के प्रथम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। धार्मिक अनुष्ठानों, जिनाभिषेक, शांतिधारा, पूजन एवं आचार्य श्री के मंगल प्रवचनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
प्रथम दिन स्थानीय पंडित डॉ. श्रेयांस कुमार जी की नगरी बड़ौत में विधानाचार्य पं. सनत कुमार जैन एवं पं. विनोद कुमार जैन के निर्देशन में प्रातः जिनाभिषेक एवं शांतिधारा के धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने विधि-विधानपूर्वक आचार्य श्री की पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात सिद्धचक्र महामंडल विधान की विभिन्न धार्मिक क्रियाएं एवं पूजन संपन्न कराया गया।
बड़ौत का दृश्य देखकर चतुर्थकाल जैसा अनुभव : आचार्य श्री
मंगल प्रवचन में आचार्य श्री आर्जवसागर जी महाराज ने कहा कि “बड़ौत नगरी का यह दृश्य देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो चतुर्थकाल का नजारा हो और भगवान महावीर का समवसरण ही लग गया हो।” उन्होंने श्रीपाल एवं मैना सुंदरी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीपाल तद्भव मोक्षगामी थे और मैना सुंदरी भी मुनि बनकर मोक्ष को प्राप्त करेंगी।
आचार्य श्री ने कहा कि सिद्धचक्र विधान आध्यात्मिक लाभ के साथ पुण्यलाभ प्रदान करने वाला पवित्र अनुष्ठान है। इसके माध्यम से रोग, शोक एवं दुखों के निवारण की भावना के साथ जिनेन्द्र भगवान की आराधना की जाती है।
उन्होंने कहा कि एक मात्र जिनेन्द्र भगवान की भक्ति में इतनी सामर्थ्य है कि वह दुर्गति का निवारण करती है, जीवन को पुण्य से परिपूर्ण करती है और अंततः मुक्ति रूपी लक्ष्मी की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से विधान में भावपूर्वक सहभागिता करते हुए जिनेन्द्र भगवान की आराधना और आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
विधान में संतोष म्यूजिकल ग्रुप, बड़ौत द्वारा संगीतमय प्रस्तुतियां भी दी जा रही हैं।
विभिन्न पात्रों ने निभाई धार्मिक भूमिकाएं
विधान में द्रव्यदाता श्री राजकुमार जैन (जैनसन इंडस्ट्रीज), सौधर्म इन्द्र श्री राजेश जैन भारती एवं श्रीमती संगीता जैन भारती, चक्रवर्ती श्री लोकेश जैन एवं श्रीमती रेनू जैन, महायज्ञनायक श्री सुभाष जैन, दिल्ली, यज्ञनायक श्री नीरज-राखी जैन, निनाना वाले, कुबेर इन्द्र श्री सत्येन्द्र जैन, इशान इन्द्र श्री अनिल जैन, सानत इन्द्र श्री गौरव-मुक्ति जैन, माहेन्द्र इन्द्र श्री प्रदीप जैन, ध्वजारोहणकर्ता श्री जितेन्द्र जैन एवं श्री सौरभ जैन (सीए) सहित श्रीपाल-मैना सुंदरी की विभिन्न भूमिकाओं में श्री संजय-रश्मि जैन, श्री अनिल-नूपुर जैन, श्री अरुणा जैन-शुभम जैन, श्री गौरव-दीपिका जैन, श्री अनुज जैन, श्री सुनील कुमार जैन-राकेश जैन, श्री राजकुमार जैन-अंश जैन एवं श्री वरदान-नीलू जैन आदि पात्र सहभागी हैं।
व्यवस्थाओं में पदाधिकारियों का सहयोग
विधान की भोजन व्यवस्था में अध्यक्ष मुकेश कुमार जैन ‘गंडासे वाले’, महामंत्री प्रदीप जैन ‘बामनौली वाले’ एवं कोषाध्यक्ष नवीन जैन ‘बड़ापुर वाले’ का सहयोग है। विधान संयोजक वरदान जैन ‘शगुन फार्म’, संजय जैन ‘लकड़ी वाले’, अनिल जैन ‘लोहा वाले’ एवं अनिल जैन ‘बामनौली वाले’ आयोजन की व्यवस्थाओं को संभाल रहे हैं।
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