भाई दूज इस साल 11 नवंबर, बुधवार को है। पंचांग गणना के अनुसार भोपाल में तिलक के लिए दोपहर 1:11 से 3:24 बजे तक का समय है। यह अपराह्न काल है।
भाई दूज को यम द्वितीया भी कहते हैं। मान्यता है कि इसी दिन यमुना ने अपने भाई यमराज को घर बुलाकर भोजन कराया था।
आज जानेंगे कि-
- MP के बड़े शहरों में तिलक का समय क्या है?
- यमुना और यमराज की कथा क्या है?
- भाई दूज पर तिलक की परंपरा कैसे निभाई जाती है?

सवाल- भाई दूज 11 नवंबर को ही क्यों?
जवाब- पंचांग गणना के अनुसार भाई दूज कार्तिक शुक्ल द्वितीया को मनाई जाती है। द्वितीया तिथि 10 नवंबर को दोपहर 2:00 बजे शुरू होकर 11 नवंबर को दोपहर 3:53 बजे तक रहेगी। रस्म अपराह्न यानी दोपहर बाद के समय में की जाती है और 11 नवंबर का अपराह्न द्वितीया के अंदर आ रहा है।
सवाल- MP के 5 शहरों में तिलक का समय क्या है?
जवाब- पंचांग गणना के अनुसार अपराह्न का समय नीचे देखिए…
| शहर | 11 नवंबर, तिलक का समय | अवधि |
|---|---|---|
| भोपाल | दोपहर 1:11 से 3:24 बजे | 2 घंटे 13 मिनट |
| इंदौर | दोपहर 1:17 से 3:31 बजे | 2 घंटे 13 मिनट |
| उज्जैन | दोपहर 1:17 से 3:31 बजे | 2 घंटे 13 मिनट |
| जबलपुर | दोपहर 1:01 से 3:14 बजे | 2 घंटे 13 मिनट |
| ग्वालियर | दोपहर 1:07 से 3:18 बजे | 2 घंटे 11 मिनट |
सवाल- यमुना और यमराज की कथा क्या है?
जवाब- मान्यता के अनुसार यमुना ने कार्तिक शुक्ल द्वितीया को अपने भाई यमराज को अपने घर भोजन के लिए बुलाया। खुश होकर यमराज ने वरदान दिया कि जो भाई इस दिन अपनी बहन के घर भोजन करेगा, उसे यमलोक की यातना नहीं झेलनी पड़ेगी। इसी से यह दिन यम द्वितीया कहलाया।

सवाल- यमुना स्नान की परंपरा क्या है?
जवाब- पंचांग गणना के स्रोतों के अनुसार इस दिन सुबह यमुना स्नान के बाद यमराज की पूजा की परंपरा है। मान्यता है कि यमुना या किसी पवित्र नदी में स्नान से पाप दूर होते हैं और लंबी उम्र मिलती है।
सवाल- क्या कोई और कथा भी है?
जवाब- हां, एक कथा के अनुसार नरकासुर को हराने के बाद कृष्ण अपनी बहन सुभद्रा के घर गए, जहां सुभद्रा ने मिठाई और फूलों से स्वागत करके उनके माथे पर तिलक लगाया। कुछ लोग इसे भी पर्व की शुरुआत मानते हैं।
सवाल- भाई दूज पर तिलक कैसे करते हैं?
जवाब- पंचांग गणना के स्रोतों में बताई गई परंपरा को स्टेप में समझिए…
- 1. बहनें सुबह स्नान करके भाई की लंबी उम्र के लिए व्रत का संकल्प लेती हैं।
- 2. परंपरा के हिसाब से थाली में रोली या चंदन, अक्षत, दीया और मिठाई रखी जाती है।
- 3. अपराह्न के समय भाई के माथे पर तिलक लगाया जाता है।
- 4. कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर आरती उतारी जाती है और भोजन कराया जाता है।
- 5. भाई अपनी क्षमता के हिसाब से बहन को कपड़े, पैसे या उपहार देते हैं।

सवाल- अलग-अलग राज्यों में भाई दूज को क्या कहते हैं?
जवाब- UP-बिहार के कई हिस्सों में इसे भैया दूज, महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात में भाऊ बीज या भाई बीज, बंगाल में भाई फोंटा और नेपाल में भाई टीका कहते हैं। नेपाल में बहनें 7 रंगों का टीका लगाती हैं। हरियाणा और महाराष्ट्र में जिन बहनों के भाई नहीं हैं, वे चंद्रमा की पूजा करती हैं।
सवाल- इसी दिन और कौन सी पूजा होती है?
जवाब- पंचांग गणना के स्रोतों के अनुसार यम द्वितीया पर अपराह्न में यमराज, चित्रगुप्त और यमदूतों की पूजा करके यमराज को अर्घ्य दिया जाता है। कायस्थ समाज इसी दिन चित्रगुप्त पूजा करता है।

तिलक और भोजन की रस्म हर परिवार में अलग हो सकती है, अपने घर की परंपरा के अनुसार ही पर्व मनाएं।
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1. भाई दूज का दूसरा नाम क्या है?
सही जवाब- यम द्वितीया।
2. यमराज को भोजन पर किसने बुलाया था?
सही जवाब- बहन यमुना ने, मान्यता के अनुसार।
3. भोपाल में तिलक का समय क्या है?
सही जवाब- 11 नवंबर दोपहर 1:11 से 3:24 बजे तक।
4. बंगाल में भाई दूज को क्या कहते हैं?
सही जवाब- भाई फोंटा।
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WhatsApp पर शेयर करेंयह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणना पर आधारित है, StateNews इसकी पुष्टि नहीं करता।
कुछ कॉमन सवाल जवाब
भाई दूज 2026 कब है?
11 नवंबर, बुधवार को।
भोपाल में तिलक मुहूर्त क्या है?
दोपहर 1:11 से 3:24 बजे तक।
इंदौर में तिलक का समय क्या है?
दोपहर 1:17 से 3:31 बजे।
द्वितीया तिथि कब खत्म होगी?
11 नवंबर को दोपहर 3:53 बजे।
स्रोत, पंचांग गणना (Drik Panchang, भाई दूज 2026 भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर पेज और यम द्वितीया 2026 भोपाल पेज), Wikipedia (Bhai Dooj)। मुख्य फोटो साभार Wikimedia Commons / Khushboo Goel, CC BY-SA 4.0।
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