दाहोद बनेगा इतिहास का साक्षी, दो महान आचार्यों का होगा महामिलन
गुजरात की पुण्य धरा दाहोद में बुधवार, 17 जून को जैन समाज के लिए एक ऐतिहासिक एवं गौरवशाली अवसर साकार होने जा रहा है। परम पूज्य मुनिकुंजर ज्येष्ठाचार्य आदिसागर जी (अंकलीकर) परम्परा के दो महान संतों – परम पूज्य प्राकृताचार्य चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री 108 सुनीलसागर जी महाराज ससंघ एवं परम पूज्य अंतर्मना साधना महोदधि आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागर जी महाराज ससंघ का भव्य एवं ऐतिहासिक महामिलन दाहोद स्थित सेठ जी की नसिया में संपन्न होगा।यह महामिलन केवल दो संतों का मिलन नहीं, बल्कि धर्म, साधना, संस्कार एवं आत्मकल्याण की प्रेरणाओं का संगम है। दोनों आचार्य भगवंतों के मंगल सान्निध्य में श्रद्धालुओं को धर्मश्रवण, आत्मचिंतन एवं पुण्यार्जन का दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा।
जैन समाज सहित समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं में इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
दिनांक : 17 जून 2026, बुधवार
स्थान : सेठ जी की नसिया, दाहोद (गुजरात)
इस ऐतिहासिक महामिलन को जैन समाज की धर्म प्रभावना एवं आध्यात्मिक चेतना के एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
Comments (0)