देवी अहिल्या गोशाला पहुंचकर आचार्य सुनीलसागर जी ने दिया गौवंश रक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

प्लास्टिक का कचरा मूक पशुओं के लिए जानलेवा, समाज को जागरूक होने की आवश्यकता : आचार्यश्री

नेमी नगर जैन कॉलोनी, इंदौर। संवाददाता मुकेश जैन।

इंदौर। परम पूज्य आचार्य श्री 108 सुनीलसागर जी महाराज देवी अहिल्या गोशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गौवंश की रक्षा, मूक पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण स्वच्छता का महत्वपूर्ण संदेश दिया। आचार्यश्री ने कहा कि गाय एवं अन्य मूक पशुओं की सुरक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें अपने व्यवहार में ऐसी सावधानी रखनी चाहिए, जिससे किसी भी जीव को कष्ट न पहुंचे।

आचार्यश्री ने प्लास्टिक से होने वाले नुकसान की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक जैसी हानिकारक वस्तुएं नहीं फेंकनी चाहिए। गाय और अन्य मूक पशु भोजन समझकर इन्हें खा लेते हैं, जिससे उनके जीवन पर संकट उत्पन्न हो सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छता बनाए रखने के साथ गौवंश की रक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए। जीवों के प्रति करुणा, दया और संवेदनशीलता ही सच्चे मानवीय मूल्यों की पहचान है।

भ्रम से बाहर निकलकर लें स्पष्ट निर्णय

जीवन में निर्णय लेने की उलझन पर प्रकाश डालते हुए आचार्यश्री ने कहा कि आज मनुष्य भ्रम में जी रहा है। कभी वह एक बाजार जाने की सोचता है, तो कभी दूसरे बाजार की ओर आकर्षित होता है। कभी एक दुकान पर जाने का विचार आता है, तो कभी दूसरी दुकान पर। अलग-अलग वस्तुओं के अलग-अलग भाव देखकर व्यक्ति असमंजस में पड़ जाता है और सही निर्णय नहीं ले पाता।

आचार्यश्री ने समझाया कि जब तक मन का भ्रम दूर नहीं होता, तब तक समाधान की दिशा में आगे बढ़ना कठिन होता है। किसी भी समस्या का समाधान खोजने के लिए सबसे पहले मन को स्थिर करना, परिस्थितियों को समझना और स्पष्ट निर्णय लेना आवश्यक है। अनिर्णय की स्थिति व्यक्ति को उलझनों में ही बनाए रखती है, जबकि विवेकपूर्ण निर्णय समाधान का मार्ग प्रशस्त करता है।

आचार्यश्री का संदेश जीवन के दो महत्वपूर्ण पक्षों को उजागर करता है—एक ओर मूक प्राणियों की रक्षा और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, तो दूसरी ओर मन के भ्रम को दूर कर विवेकपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा।