धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को है। इसी दिन से 6 दिन का दिवाली उत्सव शुरू होता है। धनतेरस पर बाजार में सबसे ज्यादा भीड़ बर्तन, सोना-चांदी, झाड़ू और साबुत धनिया की दुकानों पर दिखती है।
ये परंपराएं कहां से आईं और इनके पीछे क्या मान्यता है, यह जानना जरूरी है। साथ ही यह भी कि कौन सी बात स्रोतों में लिखी है और कौन सी सिर्फ परिवारों में चली आ रही है।
आज जानेंगे कि-
- धनतेरस पर बर्तन और चांदी खरीदने की परंपरा क्या है?
- साबुत धनिया खरीदकर घर क्यों रखते हैं?
- झाड़ू खरीदने की परंपरा के बारे में स्रोत क्या कहते हैं?

सवाल- धनतेरस 2026 का मुहूर्त क्या है?
जवाब- पंचांग गणना के अनुसार त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर सुबह 10:30 बजे शुरू होकर 7 नवंबर सुबह 10:47 बजे खत्म होगी। भोपाल में धनतेरस पूजा का मुहूर्त शाम 6:10 बजे से रात 8:08 बजे तक है। प्रदोष काल शाम 5:39 से रात 8:13 बजे तक रहेगा।
सवाल- धनतेरस पर बर्तन क्यों खरीदते हैं?
जवाब- धनतेरस पर नए बर्तन खरीदने की परंपरा है। मान्यता है कि यह दिन नई खरीदारी के लिए बहुत शुभ होता है, खासकर सोना, चांदी और दूसरी धातुओं की चीजें, और उनमें भी रसोई के बर्तन। इसी दिन धन्वंतरि जयंती भी मनाई जाती है। कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत से भरा कलश लेकर प्रकट हुए थे। उन्हें आयुर्वेद का देवता माना जाता है।

सवाल- चांदी खरीदने की परंपरा क्या है?
जवाब- धनतेरस पर चांदी खरीदने की भी प्रथा है। जो लोग चांदी के सिक्के या गहने नहीं खरीद पाते, वे चांदी के छोटे बर्तन खरीदते हैं। यह आस्था और अपनी क्षमता की बात है। कितना खरीदना है, यह अपने बजट के हिसाब से ही तय करें।
सवाल- धनतेरस पर धनिया क्यों खरीदते हैं?
जवाब- धनतेरस पर लोग साबुत धनिया के बीज खरीदकर घर में रखते हैं। परंपरा है कि दिवाली के बाद इन बीजों को बाग-बगीचे या खेत में बो दिया जाता है। कुछ जगहों पर सूखे धनिया के बीज हल्के कूटकर गुड़ में मिलाए जाते हैं और नैवेद्य यानी भोग के रूप में चढ़ाए जाते हैं।

सवाल- झाड़ू खरीदने की परंपरा के बारे में क्या पता है?
जवाब- धनतेरस पर नई झाड़ू खरीदने की परंपरा कई परिवारों और क्षेत्रों में प्रचलित है। लेकिन जिन भरोसेमंद स्रोतों को हमने देखा, उनमें झाड़ू खरीदने का जिक्र या इसकी कोई तय वजह नहीं मिली। इसलिए इसे पारिवारिक और क्षेत्रीय परंपरा की तरह ही देखें। इतना जरूर है कि दिवाली से पहले घर की सफाई की परंपरा पुरानी है।
सवाल- धनतेरस से जुड़ी सफाई की कथा क्या है?
जवाब- पंचांग गणना के स्रोतों में एक कथा मिलती है। मान्यता है कि मां लक्ष्मी को 12 साल तक एक गरीब किसान के घर रहना पड़ा और किसान धनवान हो गया। जाते समय लक्ष्मी ने वचन दिया कि वे हर साल दिवाली से पहले कृष्ण त्रयोदशी की रात आएंगी। तब से किसान हर साल इस रात घर साफ करके रात भर घी का दीया जलाता था। मान्यता है कि यहीं से धनतेरस की रात लक्ष्मी-कुबेर पूजा की परंपरा शुरू हुई।

सवाल- धनतेरस पर और क्या होता है?
जवाब- इसी त्रयोदशी की शाम यम दीपम की परंपरा है। मान्यता के अनुसार घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर यमराज के लिए दीया जलाया जाता है। भोपाल में यम दीपम का समय शाम 5:39 से 6:56 बजे तक है।
| खरीदारी | परंपरा क्या कहती है | स्रोत में जिक्र |
|---|---|---|
| बर्तन | नई खरीदारी, खासकर रसोई के बर्तन शुभ | हां |
| चांदी | चांदी या चांदी के बर्तन खरीदने की प्रथा | हां |
| साबुत धनिया | घर में रखना, बाद में बोना | हां |
| झाड़ू | कई परिवारों में प्रचलित | नहीं मिला |
हर परिवार की अपनी परंपरा होती है। धनतेरस की खरीदारी अपनी पारिवारिक रीति और बजट के हिसाब से ही करें।
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1. 2026 में धनतेरस कब है?
सही जवाब- 6 नवंबर, शुक्रवार को।
2. समुद्र मंथन से कौन अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे?
सही जवाब- भगवान धन्वंतरि।
3. धनतेरस पर खरीदे धनिया के बीजों का बाद में क्या करते हैं?
सही जवाब- दिवाली के बाद बाग-बगीचे या खेत में बोते हैं।
4. यम दीपम का दीया किस दिशा में रखा जाता है?
सही जवाब- दक्षिण दिशा में।
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WhatsApp पर शेयर करेंयह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणना पर आधारित है, StateNews इसकी पुष्टि नहीं करता।
कुछ कॉमन सवाल जवाब
धनतेरस 2026 कब है?
6 नवंबर 2026, शुक्रवार को।
भोपाल में धनतेरस पूजा का मुहूर्त क्या है?
शाम 6:10 बजे से रात 8:08 बजे तक।
धनतेरस पर धनिया क्यों खरीदते हैं?
परंपरा है कि इसे घर में रखते हैं और दिवाली के बाद बोते हैं।
क्या झाड़ू खरीदना जरूरी है?
नहीं, यह कई परिवारों की परंपरा है, इसका भरोसेमंद स्रोतों में जिक्र नहीं मिला।
स्रोत, पंचांग गणना के स्रोत (Drik Panchang, धनतेरस पूजा मुहूर्त भोपाल 2026 और धनतेरस कथा पेज), Wikipedia (Dhanteras, अंग्रेजी और हिंदी)। मुख्य फोटो साभार Wikimedia Commons / ᱤᱧ ᱢᱟᱛᱟᱞ, CC BY-SA 4.0।
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