8 नवंबर की रात लक्ष्मी पूजा के बाद अगला दिन भी खास है। पंचांग गणना के अनुसार 9 नवंबर को दिवाली स्नान और दिवाली देवपूजा है। इसी दिन कार्तिक अमावस्या भी है, जो दोपहर 12:31 बजे खत्म होगी।

9 नवंबर को सोमवार है। पंचांग गणना में सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा गया है। इसलिए कई परिवार इस दिन सुबह नदी या घर पर स्नान, पूजा और दान करेंगे।

आज जानेंगे कि-

  • अमावस्या 8 नवंबर को शुरू हो रही है तो स्नान-दान 9 को क्यों?
  • 9 नवंबर को स्नान-दान का समय क्या है?
  • घाट पर स्नान करने जाएं तो किन बातों का ध्यान रखें?
उज्जैन में शिप्रा नदी का राम घाट
उज्जैन में शिप्रा नदी का राम घाट फोटो साभार Wikimedia Commons / Bernard Gagnon, CC BY-SA 3.0

सवाल- अमावस्या 8 को शुरू तो स्नान-दान 9 को क्यों?

जवाब- पंचांग गणना के अनुसार अमावस्या 8 नवंबर सुबह 11:27 बजे शुरू होकर 9 नवंबर दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी। लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल यानी शाम को होती है, जब अमावस्या मौजूद हो, इसलिए वह 8 नवंबर को है। स्नान-दान सुबह का काम माना जाता है और 9 नवंबर को सूर्योदय के समय अमावस्या रहेगी। इसी उदया तिथि के हिसाब से 9 नवंबर को दिवाली स्नान दर्ज है।

9 नवंबर को अमावस्या का समय, भोपाल
सुबह 6:30 से दोपहर 12:31
सूर्योदय से अमावस्या खत्म होने तक, पंचांग गणना के अनुसार

सवाल- 9 नवंबर को भोपाल का पंचांग क्या है?

जवाब- पंचांग गणना के अनुसार 9 नवंबर को भोपाल का समय नीचे देखिए…

भोपाल, 9 नवंबर (सोमवार)समय
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 4:47 से 5:39 बजे
सूर्योदयसुबह 6:30 बजे
राहुकालसुबह 7:54 से 9:17 बजे
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:42 से दोपहर 12:26 बजे
अमावस्या समाप्तदोपहर 12:31 बजे
सूर्यास्तशाम 5:38 बजे

दूसरे शहरों में सूर्योदय कुछ मिनट आगे-पीछे होगा, पर अमावस्या खत्म होने का समय पूरे देश में एक ही है।

घाट पर शाम की आरती में जुटे श्रद्धालु
घाट पर शाम की आरती में जुटे श्रद्धालु फोटो साभार Wikimedia Commons / Mity05, CC BY-SA 4.0

सवाल- अमावस्या पर स्नान-दान की परंपरा क्या है?

जवाब- अमावस्या को पितरों यानी पूर्वजों की याद का दिन माना जाता है। पंचांग गणना के स्रोतों के अनुसार अमावस्या श्राद्ध कर्म के लिए उपयुक्त दिन है। परंपरा में इस दिन नदी में स्नान, पूजा, पितरों के लिए तर्पण और अपनी क्षमता से दान किया जाता है। सोमवती अमावस्या पर कई सुहागिन महिलाएं व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करती हैं। क्या दान करें, यह हर परिवार और क्षेत्र में अलग है।

सवाल- घर पर स्नान कैसे करें?

जवाब- नदी तक न जा सकें तो परंपरा में अपनाया जाने वाला सरल तरीका…

  • 1. नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाएं।
  • 2. स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाएं।
  • 3. घर के मंदिर में दीपक जलाकर पूजा करें।
  • 4. पितरों को याद करके अपनी परंपरा के अनुसार तर्पण करें।
  • 5. अपनी क्षमता से अनाज, कपड़े या जरूरत की चीजें किसी जरूरतमंद को दें।

नवंबर की सुबह ठंडी होती है, बुजुर्ग, बीमार और छोटे बच्चे बहुत ठंडे पानी से न नहाएं।

जबलपुर के पास भेड़ाघाट में नर्मदा नदी और संगमरमर की चट्टानें
जबलपुर के पास भेड़ाघाट में नर्मदा नदी और संगमरमर की चट्टानें फोटो साभार Wikimedia Commons / Archies2804, CC BY-SA 4.0

सवाल- MP में लोग कहां स्नान करने जाते हैं?

जवाब- मध्यप्रदेश में अमावस्या और पर्वों पर नर्मदा, शिप्रा, बेतवा और दूसरी नदियों के घाटों पर भीड़ रहती है। नर्मदापुरम का सेठानी घाट, जबलपुर का ग्वारीघाट, उज्जैन का राम घाट और ओंकारेश्वर इनमें प्रमुख हैं। भीड़ की जानकारी के लिए जिला प्रशासन की सूचना देखें।

नदी घाट पर स्नान करते श्रद्धालु
नदी घाट पर स्नान करते श्रद्धालु फोटो साभार Wikimedia Commons / Bernard Gagnon, CC BY-SA 3.0

सवाल- घाट पर स्नान करने जाएं तो किन बातों का ध्यान रखें?

जवाब- नदी में स्नान के समय सबसे जरूरी है सुरक्षा। इन बातों का ध्यान रखें…

  • 1. सिर्फ प्रशासन के तय घाट पर, बैरिकेड के अंदर ही स्नान करें।
  • 2. गहरे पानी में न जाएं, तैरना न आता हो तो किनारे पर ही डुबकी लगाएं।
  • 3. बच्चों और बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें।
  • 4. पूजा के फूल, पॉलीथिन और कपड़े नदी में न डालें, घाट पर रखे कूड़ेदान में डालें।
  • 5. पुलिस और होमगार्ड के निर्देश मानें।

स्नान, दान और पूजा के तरीके हर परिवार और क्षेत्र में अलग होते हैं। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार ही इन्हें निभाएं।

9 नवंबर की तैयारी

जो तैयारी हो गई, उस पर टिक कीजिए…

क्विज, दिवाली स्नान को कितना जानते हैं?

सवाल पढ़िए, जवाब सोचिए, फिर सवाल पर टैप करके सही जवाब देखिए…

1. 9 नवंबर को अमावस्या कब खत्म होगी?

सही जवाब- दोपहर 12:31 बजे।

2. सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को क्या कहते हैं?

सही जवाब- सोमवती अमावस्या।

3. भोपाल में 9 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कब है?

सही जवाब- सुबह 4:47 से 5:39 बजे तक।

4. अमावस्या को किनकी याद का दिन माना जाता है?

सही जवाब- पितरों यानी पूर्वजों की।

क्या आप 9 नवंबर को नदी में स्नान करने जाएंगे? कमेंट में बताइए

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यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणना पर आधारित है, StateNews इसकी पुष्टि नहीं करता।

कुछ कॉमन सवाल जवाब

दिवाली स्नान कब है?

पंचांग गणना के अनुसार 9 नवंबर को।

9 नवंबर को अमावस्या कब तक है?

दोपहर 12:31 बजे तक।

क्या 9 नवंबर को सोमवती अमावस्या है?

इस दिन सोमवार है और सूर्योदय के समय अमावस्या रहेगी।

राहुकाल कब है?

भोपाल में सुबह 7:54 से 9:17 बजे तक।

स्रोत, पंचांग गणना (Drik Panchang, दिवाली पूजा कैलेंडर भोपाल, 9 नवंबर 2026 भोपाल पंचांग, अमावस्या तिथियां 2026 पेज), Wikipedia (Amavasya)। मुख्य फोटो साभार Wikimedia Commons / Bernard Gagnon, CC BY-SA 3.0।