पट्टाचार्य विशुद्ध सागर संघ के सानिध्य में पंच कल्याणक महोत्स्व का आयोजन कल से शुरू
गढाकोटा रवि सोनी। सागर जिले के गढाकोटा नगर के पटेरिया जी अतिशय क्षेत्र में परम पूज्य पट्टाचार्य आध्यात्मिक चर्या शिरोमणि विशुद्ध सागर महामुनिराज ससंघ के सानिध्य में पंचकल्याणक महा महोत्सव जिन विम्व प्रतिष्ठा एवं गजरथ फेरी और विश्व शांति महायज्ञ का धर्म मय आयोजन 16 मार्च से 21 मार्च तक होने जा रहा है। प्रवक्ता विक्की जैन ने बताया कि पटेरिया जी प्रांगण में व्यापक तैयारियां चल रही है,आचार्य संघ कुण्डलपुर से आगे विहार कर रहे है । और मंगलवार कि प्रातः नगर के दमोह रोड़ से भव्य अगवानी की जायेगी।नगर में ध्वज एवं तोरण द्वार,रंगोली सजावट,पोस्टर से सजाया जा रहा है।आचार्य संघ की आहार शाला एवं पार्किंग व्यवस्था,मंच भूमि स्थल,ध्वज रोहण एवं वेदी भूमि शुद्धिकरण होगा।
विधायक गोपाल भार्गव भी प्रतिदिन तैयारियों की समीक्षा कर रहे है।अभिषेक भार्गव सहित नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज तिवारी ने व्यवस्थाओ का जायजा लेकर सदस्यों से चर्चा की। मुख्य संयोजक आशीष जैन ने बताया कि पञ्चकल्याणक दिगंबर जैन परंपरा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान है।जिसमें तीर्थंकर के जीवन की पांच प्रमुख घटनाओं का उत्सव मनाया जाता है।
ये पांच कल्याणक हैं।
गर्भ कल्याणक यह कल्याणक तीर्थंकर के माता के गर्भ में आने की घटना का उत्सव है। इस समय देवगण आकाशमार्ग से आकर माता की सेवा करते हैं और रत्नवृष्टि करते हैं। जन्म कल्याणकतीर्थंकर के जन्म के समय तीनों लोकों में आनंद छा जाता है। इंद्र स्वयं मेरु पर्वत पर ले जाकर जन्माभिषेक करते हैं। दीक्षा कल्याणक इस कल्याणक में तीर्थंकर सांसारिक मोह-माया का त्याग कर दिगंबर मुद्रा धारण करते हैं और आत्मध्यान में लीन होते हैं।ज्ञान कल्याणक कठोर तपस्या के बाद तीर्थंकर को केवलज्ञान की प्राप्ति होती है, जिससे वे सम्पूर्ण ब्रह्मांड के ज्ञाता बन जाते हैं। मोक्ष कल्याणक अंतिम कल्याणक में तीर्थंकर का निर्वाण होता है और वे सिद्ध परमात्मा बनकर अनंत सुख को प्राप्त करते हैं।

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