दिवाली के बाद कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा होती है, जिसे अन्नकूट पूजा भी कहते हैं। पंचांग गणना के अनुसार इस साल भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में गोवर्धन पूजा 10 नवंबर, मंगलवार को है। भोपाल में सुबह 6:31 से 8:44 बजे तक पूजा का मुहूर्त है।
इंदौर और उज्जैन के लिए पंचांग गणना में गोवर्धन पूजा 9 नवंबर, सोमवार की शाम 3:31 से 5:45 बजे तक बताई गई है। इसलिए अपने शहर का समय देखकर ही गोबर और अन्नकूट की तैयारी करें।
आज जानेंगे कि-
- गोबर से गोवर्धन कैसे बनाया जाता है?
- अन्नकूट में क्या-क्या चढ़ाया जाता है?
- पूजा के बाद 7 परिक्रमा कैसे होती है?

सवाल- गोवर्धन पूजा क्यों होती है?
जवाब- मान्यता के अनुसार ब्रज के ग्वाले वर्षा के देवता इंद्र की पूजा करते थे। कृष्ण ने उन्हें गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा तो नाराज इंद्र ने तेज बारिश और तूफान भेज दिया। तब कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया और पूरे गांव और पशुओं को उसके नीचे शरण दी। कथा के अनुसार 7 दिन बाद इंद्र ने हार मान ली।

सवाल- पूजा के दिन सुबह की शुरुआत कैसे होती है?
जवाब- पंचांग गणना के स्रोतों में बताया गया है कि प्रतिपदा की सुबह तेल लगाकर स्नान किया जाता है, जिसे तैल स्नान कहते हैं। इसके बाद गाय, बछड़ों और बैलों की पूजा होती है। गाय के शरीर पर लाल-पीला रंग और सींगों पर तेल और गेरू लगाया जाता है। घर में बने खाने का पहला हिस्सा गाय को दिया जाता है।
सवाल- गोबर से गोवर्धन कैसे बनाते हैं?
जवाब- पंचांग गणना के स्रोतों में बताई गई विधि को स्टेप में समझिए…
- 1. जहां पास में गोवर्धन पर्वत नहीं है, वहां गोबर या पके अन्न से गोवर्धन का प्रतीक बनाया जाता है।
- 2. गोबर से लेटे हुए पुरुष जैसी आकृति बनाई जाती है।
- 3. आकृति की नाभि की जगह एक छोटी कटोरी या मिट्टी का दीया रखा जाता है।
- 4. गोवर्धन को फूल और बेल-पत्तियों से सजाया जाता है, कई परिवार छोटी गायें और टहनियां भी लगाते हैं।
- 5. गोवर्धन में ओंगा यानी अपामार्ग का पौधा जरूर रखा जाता है।
सवाल- अन्नकूट क्या है?
जवाब- अन्नकूट का मतलब है अन्न का पहाड़। पंचांग गणना के स्रोतों के अनुसार पके अन्न से बनाए गए गोवर्धन को अन्नकूट कहा जाता है। इस दिन गेहूं और चावल से बने पकवान, बेसन की कढ़ी और पत्तेदार सब्जियां बनाकर कृष्ण को भोग लगाया जाता है। कई मंदिरों में 56 तरह के व्यंजन यानी छप्पन भोग सजाए जाते हैं।

सवाल- पूजा के बाद परिक्रमा कैसे करते हैं?
जवाब- पूजा पूरी होने के बाद गोवर्धन की 7 परिक्रमा की जाती है। परिक्रमा में गोवर्धन की स्तुति या भजन गाए जाते हैं। पंचांग गणना के स्रोतों के अनुसार एक व्यक्ति हाथ में जल का लोटा लेकर पानी की धार गिराते हुए चलता है और दूसरा रास्ते में खील या जौ बिखेरता है।
सवाल- पूजा के दिन किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब- पंचांग गणना के स्रोतों में अन्नकूट के समय चंद्र दर्शन को शुभ नहीं माना गया है। इस पर्व को अन्न के सम्मान से भी जोड़ा जाता है, इसलिए भोग उतना ही बनाएं जितना बांटा और खाया जा सके।

गोवर्धन बनाने का तरीका हर परिवार में अलग होता है, अपनी परंपरा के अनुसार ही पूजा करें।
MP के 5 शहरों में दिवाली के मुहूर्त अलग, इंदौर-उज्जैन में गोवर्धन पूजा 9 नवंबर को ही
दिवाली 2026 कब है, 8 या 9 नवंबर, धनतेरस से भाई दूज तक 6 दिन का पूरा कैलेंडर
जो तैयारी हो गई, उस पर टिक कीजिए…
सवाल पढ़िए, जवाब सोचिए, फिर सवाल पर टैप करके सही जवाब देखिए…
1. गोबर से गोवर्धन किस आकृति में बनाया जाता है?
सही जवाब- लेटे हुए पुरुष जैसी आकृति में।
2. गोवर्धन की नाभि में क्या रखा जाता है?
सही जवाब- छोटी कटोरी या मिट्टी का दीया।
3. पूजा के बाद गोवर्धन की कितनी परिक्रमा होती है?
सही जवाब- 7 परिक्रमा।
4. अन्नकूट का मतलब क्या है?
सही जवाब- अन्न का पहाड़।
अपना जवाब नीचे कमेंट में लिखिए और यह जानकारी परिवार के WhatsApp ग्रुप में भेजिए।
WhatsApp पर शेयर करेंयह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणना पर आधारित है, StateNews इसकी पुष्टि नहीं करता।
कुछ कॉमन सवाल जवाब
गोवर्धन पूजा 2026 कब है?
पंचांग गणना के अनुसार भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में 10 नवंबर को, इंदौर और उज्जैन में 9 नवंबर की शाम।
भोपाल में गोवर्धन पूजा का मुहूर्त क्या है?
10 नवंबर को सुबह 6:31 से 8:44 बजे तक।
गोवर्धन में कौन सा पौधा रखा जाता है?
ओंगा यानी अपामार्ग।
क्या अन्न से भी गोवर्धन बनाया जा सकता है?
हां, पके अन्न से बने गोवर्धन को ही अन्नकूट कहा जाता है।
स्रोत, पंचांग गणना (Drik Panchang, गोवर्धन पूजा 2026 भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और गोवर्धन पूजा विधि पेज), Wikipedia (Govardhan Puja, Annakut)। मुख्य फोटो साभार Wikimedia Commons / Deepak Jindal, CC BY-SA 4.0।
Continue With Google