दिवाली के 6 दिन के उत्सव से ठीक पहले गोवत्स द्वादशी आती है। इस साल यह 5 नवंबर, गुरुवार को है, यानी धनतेरस से एक दिन पहले। इस दिन गाय और उसके बछड़े की एक साथ पूजा की परंपरा है।

महाराष्ट्र में इसे वसु बारस कहते हैं और वहां इसी दिन से दिवाली की शुरुआत मानी जाती है। गुजरात में इसे वाघ बारस कहा जाता है। मान्यता है कि महिलाएं यह व्रत अपनी संतान की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए रखती हैं।

आज जानेंगे कि-

  • गोवत्स द्वादशी पर पूजा का मुहूर्त क्या है?
  • गाय और बछड़े की पूजा कैसे की जाती है?
  • इस दिन गेहूं और दूध से बनी चीजें क्यों नहीं खाते?
दिवाली पर सजाई गई गायें
दिवाली पर सजाई गई गायें फोटो साभार Wikimedia Commons / Grace from Seattle, CC BY 2.0

सवाल- गोवत्स द्वादशी 2026 कब है?

जवाब- पंचांग गणना के अनुसार गोवत्स द्वादशी 5 नवंबर 2026, गुरुवार को है। भोपाल में द्वादशी तिथि 5 नवंबर सुबह 10:35 बजे शुरू होकर 6 नवंबर सुबह 10:30 बजे खत्म होगी। पूजा प्रदोष काल में की जाती है, जो भोपाल में शाम 5:40 बजे से रात 8:14 बजे तक रहेगा।

भोपाल में गोवत्स द्वादशी पूजा मुहूर्त
शाम 5:40 से 8:14
5 नवंबर 2026, प्रदोष काल, करीब 2 घंटे 34 मिनट

सवाल- MP के बड़े शहरों में मुहूर्त क्या है?

जवाब- सूर्यास्त का समय हर शहर में अलग होता है, इसलिए प्रदोष काल भी थोड़ा बदल जाता है। पंचांग गणना के अनुसार 5 नवंबर का मुहूर्त देखिए…

शहरप्रदोष काल पूजा मुहूर्त
भोपालशाम 5:40 से रात 8:14 बजे
इंदौरशाम 5:47 से रात 8:20 बजे
उज्जैनशाम 5:46 से रात 8:20 बजे
जबलपुरशाम 5:30 से रात 8:03 बजे
ग्वालियरशाम 5:33 से रात 8:08 बजे

सवाल- गोवत्स द्वादशी क्यों मनाई जाती है?

जवाब- मान्यता के अनुसार यह दिन नंदिनी गाय को समर्पित है। कथाओं में नंदिनी को कामधेनु की पुत्री बताया गया है, जो ऋषि वसिष्ठ के आश्रम में रहती थी। इसीलिए इस व्रत को नंदिनी व्रत भी कहा जाता है। गाय और बछड़े को खिलाना नंदिनी के सम्मान का प्रतीक माना जाता है।

गाय के साथ उसका बछड़ा
गाय के साथ उसका बछड़ा फोटो साभार Wikimedia Commons / Syam Babu Bokka, CC BY-SA 4.0

सवाल- पूजा कैसे की जाती है?

जवाब- पूजा का तरीका हर क्षेत्र और परिवार में थोड़ा अलग होता है। प्रचलित परंपरा को स्टेप में समझिए…

  • 1. गाय और बछड़े को नहलाया जाता है।
  • 2. उन्हें कपड़ा ओढ़ाकर फूलों की माला पहनाई जाती है।
  • 3. माथे पर सिंदूर या हल्दी का तिलक लगाया जाता है।
  • 4. गेहूं से बनी चीजें, चना और अंकुरित मूंग खिलाए जाते हैं।
  • 5. आखिर में आरती करके प्रणाम किया जाता है।

जिन घरों में गाय नहीं है, वे पास की गौशाला जाकर भी पूजा कर सकते हैं। कुछ गांवों में मिट्टी से गाय और बछड़े की मूर्ति बनाकर भी पूजा होती है।

हरा चारा खाता बछड़ा
हरा चारा खाता बछड़ा फोटो साभार Wikimedia Commons / Yercaud-elango, CC BY-SA 4.0

सवाल- इस दिन गेहूं और दूध से बनी चीजें क्यों नहीं खाते?

जवाब- परंपरा के अनुसार गोवत्स द्वादशी का व्रत रखने वाले पूरे दिन गेहूं और दूध से बनी चीजें नहीं खाते। जिन स्रोतों को हमने देखा, उनमें इसका कोई एक तय कारण नहीं लिखा है। वहीं गेहूं से बनी चीजें पूजा के बाद गाय और बछड़े को खिलाई जाती हैं। किन चीजों से परहेज करना है, यह भी परिवार की परंपरा पर निर्भर करता है।

सवाल- क्या यह बछ बारस ही है?

जवाब- नहीं। पंचांग गणना के स्रोतों के अनुसार बछ बारस भी बछड़े की पूजा का मिलता-जुलता त्योहार है, लेकिन यह गोवत्स द्वादशी से करीब 2 महीने पहले मनाया जाता है। दोनों में गाय-बछड़े की पूजा होती है, पर तिथि अलग है।

गोपाष्टमी यानी गायों के उत्सव को दर्शाती राजस्थान की पुरानी पिछवाई पेंटिंग
गोपाष्टमी यानी गायों के उत्सव को दर्शाती राजस्थान की पुरानी पिछवाई पेंटिंग फोटो साभार Wikimedia Commons / Google Art Project, Public domain

पूजा की विधि हर समाज और परिवार में थोड़ी अलग होती है। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार ही पूजा करें।

गोवत्स द्वादशी पूजा की तैयारी

जो तैयारी हो गई, उस पर टिक कीजिए…

क्विज, गोवत्स द्वादशी को कितना जानते हैं?

सवाल पढ़िए, जवाब सोचिए, फिर सवाल पर टैप करके सही जवाब देखिए…

1. 2026 में गोवत्स द्वादशी कब है?

सही जवाब- 5 नवंबर, गुरुवार को।

2. महाराष्ट्र में इसे किस नाम से जानते हैं?

सही जवाब- वसु बारस।

3. इस व्रत को और किस नाम से जानते हैं?

सही जवाब- नंदिनी व्रत।

4. व्रत रखने वाले किन चीजों से परहेज करते हैं?

सही जवाब- गेहूं और दूध से बनी चीजों से।

आपके यहां गोवत्स द्वादशी को क्या कहते हैं और कैसे मनाते हैं? बताइए

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यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणना पर आधारित है, StateNews इसकी पुष्टि नहीं करता।

कुछ कॉमन सवाल जवाब

गोवत्स द्वादशी 2026 कब है?

5 नवंबर 2026, गुरुवार को।

भोपाल में पूजा का मुहूर्त क्या है?

शाम 5:40 बजे से रात 8:14 बजे तक, प्रदोष काल में।

गाय को क्या खिलाते हैं?

गेहूं से बनी चीजें, चना और अंकुरित मूंग।

यह व्रत कौन रखता है?

मान्यता है कि महिलाएं संतान की खुशहाली के लिए यह व्रत रखती हैं।

स्रोत, पंचांग गणना के स्रोत (Drik Panchang, गोवत्स द्वादशी 2026, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर), Wikipedia (Govatsa Dwadashi)। मुख्य फोटो साभार Wikimedia Commons / Grace from Seattle, CC BY 2.0।