करवा चौथ पर छलनी से चांद देखने की परंपरा (फाइल फोटो) फोटो साभार Wikimedia Commons / CSG-Info, CC BY-SA 4.0

सुहागिनों का करवा चौथ व्रत इस बार गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को है. पंचांग गणना के मुताबिक कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर की रात करीब 1:07 बजे शुरू होकर रात करीब 10:11 बजे तक रहेगी.

इसी दिन संकष्टी चतुर्थी भी है, इसलिए गणेश पूजा और चंद्र दर्शन दोनों का संयोग बन रहा है. भोपाल में चांद रात 8:26 बजे निकलेगा, जबकि रीवा में सबसे पहले 8:07 बजे और इंदौर में 8:34 बजे चंद्रोदय होगा.

आज जानेंगे कि-

  • आपके शहर में चांद कब निकलेगा और पूजा का मुहूर्त क्या है?
  • सरगी कब खाएं और व्रत की विधि क्या है?
  • व्रत के दिन किन बातों से बचना चाहिए?

सवाल- करवा चौथ कब है और चतुर्थी तिथि कब तक रहेगी?

जवाब- करवा चौथ 29 अक्टूबर, गुरुवार को है. पंचांग गणना के अनुसार चतुर्थी तिथि 28 और 29 अक्टूबर की दरम्यानी रात करीब 1:07 बजे लगेगी और 29 अक्टूबर की रात करीब 10:11 बजे खत्म होगी. सूर्योदय और चंद्रोदय दोनों समय चतुर्थी रहने से व्रत इसी दिन रखा जाएगा.

सवाल- MP के बड़े शहरों में चांद कितने बजे निकलेगा?

जवाब- पूर्वी MP में चांद पहले और पश्चिमी MP में थोड़ा देर से निकलेगा. नीचे ग्राफिक में देखिए अपने शहर का समय…

ग्राफिक से समझिए, किस शहर में कब होगा चंद्रोदय और पूजा मुहूर्त
ग्राफिक से समझिए, किस शहर में कब होगा चंद्रोदय और पूजा मुहूर्त
शहरसूर्योदय (व्रत शुरू)पूजा मुहूर्तचंद्रोदय
भोपालसुबह 6:24शाम 5:44 से 7:01रात 8:26
इंदौरसुबह 6:29शाम 5:51 से 7:08रात 8:34
उज्जैनसुबह 6:30शाम 5:51 से 7:08रात 8:33
जबलपुरसुबह 6:13शाम 5:34 से 6:51रात 8:16
ग्वालियरसुबह 6:24शाम 5:38 से 6:55रात 8:15
रीवासुबह 6:10शाम 5:27 से 6:44रात 8:07
सागरसुबह 6:19शाम 5:38 से 6:55रात 8:19
दिल्लीसुबह 6:31शाम 5:39 से 6:56रात 8:12

ये समय क्षितिज पर चांद के उगने का है. बादल, धुंध या ऊंची इमारतें हों तो चांद 10 से 15 मिनट बाद तक दिख सकता है.

सवाल- सरगी कब खानी चाहिए?

जवाब- मान्यता है कि सरगी सूर्योदय से पहले ब्रह्म मुहूर्त में खाई जाती है. भोपाल में ब्रह्म मुहूर्त सुबह करीब 4:48 से 5:36 बजे तक रहेगा. सरगी आमतौर पर सास की ओर से दी जाती है, जिसमें फल, मेवे, मिठाई और सुहाग की चीजें होती हैं. सूर्योदय के बाद निर्जल व्रत शुरू होता है.

सवाल- व्रत की पूजा विधि क्या है?

जवाब- परंपरागत मान्यता के अनुसार पूजा के मुख्य चरण ये हैं…

व्रत विधि, मान्यता के अनुसार

  • सुबह स्नान के बाद पति की लंबी उम्र के लिए निर्जल व्रत का संकल्प
  • शाम को पूजा मुहूर्त में शिव, पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की पूजा
  • मिट्टी के करवे में जल भरकर पूजा, करवा चौथ की कथा सुनना
  • चंद्रोदय के बाद छलनी से चांद और फिर पति का दर्शन
  • चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोलना
करवा चौथ की पूजा में इस्तेमाल होने वाले सजे हुए मिट्टी के करवे (फाइल फोटो)
करवा चौथ की पूजा में इस्तेमाल होने वाले सजे हुए मिट्टी के करवे (फाइल फोटो) फोटो साभार Wikimedia Commons / Suyash.dwivedi, CC BY-SA 4.0

सवाल- संकष्टी चतुर्थी साथ होने का क्या महत्व है?

जवाब- कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस दिन गणेश जी की पूजा कर चंद्रमा को अर्घ्य देने से संकट दूर होते हैं. इसलिए करवा चौथ की पूजा में भी सबसे पहले गणेश पूजन की परंपरा है. दोनों व्रत चंद्रोदय के बाद ही खोले जाते हैं.

सवाल- व्रत के दिन क्या नहीं करना चाहिए?

जवाब- परंपरा में कुछ बातों से बचने की सलाह दी जाती है. नीचे ग्राफिक में देखिए…

मान्यता के अनुसार करवा चौथ पर इन बातों से बचें
मान्यता के अनुसार करवा चौथ पर इन बातों से बचें

सवाल- निर्जल व्रत में सेहत का ध्यान कैसे रखें?

जवाब- करीब 14 घंटे का निर्जल व्रत शरीर पर असर डाल सकता है. सरगी में पानी वाले फल, नारियल पानी और सूखे मेवे लें. ज्यादा तला भुना और नमकीन खाने से प्यास बढ़ती है. डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या गर्भावस्था में डॉक्टर की सलाह के बिना निर्जल व्रत न रखें. चक्कर या कमजोरी लगे तो आराम करें.

सवाल- अगर बादल हों और चांद न दिखे तो क्या करें?

जवाब- मान्यता है कि ऐसी स्थिति में चंद्रोदय के तय समय के बाद चंद्रमा की दिशा यानी पूर्व की ओर अर्घ्य देकर व्रत खोला जा सकता है. कई परिवार दूसरे शहर में रह रहे परिजनों से वीडियो कॉल पर चांद देखकर भी व्रत खोलते हैं.

कुछ कॉमन सवाल जवाब

  • MP में सबसे पहले चांद कहां दिखेगा? रीवा में रात 8:07 बजे.
  • सबसे देर से कहां? इंदौर में रात 8:34 बजे.
  • व्रत कितने घंटे का है? भोपाल में सुबह 6:24 से रात 8:26 बजे तक, करीब 14 घंटे.

नोट- यह जानकारी मान्यताओं पर आधारित है, StateNews इसकी पुष्टि नहीं करता. समय पंचांग गणना पर आधारित हैं और स्थानीय पंचांग में 1 से 5 मिनट का अंतर संभव है.

ग्राफिक- StateNews

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

करवा चौथ 2026 कब है?

करवा चौथ गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को है. उसी दिन संकष्टी चतुर्थी भी है.

भोपाल में करवा चौथ पर चांद कितने बजे निकलेगा?

पंचांग गणना के अनुसार भोपाल में 29 अक्टूबर को चंद्रोदय रात 8:26 बजे होगा.

करवा चौथ 2026 का पूजा मुहूर्त क्या है?

भोपाल में पूजा मुहूर्त शाम 5:44 से 7:01 बजे तक है. इंदौर में शाम 5:51 से 7:08 बजे तक.

चतुर्थी तिथि कब से कब तक है?

चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर की रात करीब 1:07 बजे से रात करीब 10:11 बजे तक रहेगी.

स्रोत पंचांग गणना, पंचांग गणना